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UPSEE: लखनऊ के इन मेधावियों ने लहराया परचम, शेयर किए अपने सक्सेज मंत्रा, तस्वीरें
Fri, 16 Oct 2020 12:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 16 Oct 2020 12:35 PM IST
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यूपीएसईई के चार होनहार
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई-2020) में लखनऊ के चार मेधावियों ने सफलता प्राप्त कर विभिन्न पाठ्यक्रमों की मेरिट सूची में दमदार तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज की है। बीटेक के बालिका वर्ग में अनुभा त्रिपाठी ने चौथी और जनरल वर्ग में 57वीं रैंक हासिल की है, जबकि एमबीए में रमन सक्सेना ने तीसरी, एमसीए में राहुल गुप्ता ने दूसरी और प्रिंस त्रिवेदी ने चौथी रैंक हासिल कर राजधानी का मान बढ़ाया है। मेधावियों ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि सभी विषयों पर बराबर फोकस किया और किसी भी विषय को कम नहीं समझा। नियमित रिवीजन ही सफलता का मूल मंत्र है।
अनुभा त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
परीक्षा से पहले खुद को करें मानसिक रूप से तैयार
अनुभा त्रिपाठी बीटेक, बालिका वर्ग में रैंक 4, जनरल रैंक 57
प्रतियोगी परीक्षा से पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर परीक्षा के दौरान घबराहट होगी और आप बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। मैं कक्षा 11 से जेईई की तैयारी कर रही थी। एडवांस में मेरी 2909 रैंक आई थी, जिसके आधार पर मुझे आईआईटी कानपुर में दाखिला मिल जाएगा। मेरी रुचि इलेक्ट्रिकल व कंप्यूटर साइंस में है। लक्ष्य साध कर सभी विषयों की बराबर तैयारी की। साथ ही जमकर अभ्यास किया और ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन मॉक टेस्ट देकर अपने को परीक्षा के लिए तैयार किया। मैंने सीएमएस अलीगंज से 97.5 प्रतिशत अंक से इंटर उत्तीर्ण किया। पिता विजय कुमार त्रिपाठी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता और मां सुमन त्रिपाठी गृहिणी हैं।
अनुभा त्रिपाठी बीटेक, बालिका वर्ग में रैंक 4, जनरल रैंक 57
प्रतियोगी परीक्षा से पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर परीक्षा के दौरान घबराहट होगी और आप बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। मैं कक्षा 11 से जेईई की तैयारी कर रही थी। एडवांस में मेरी 2909 रैंक आई थी, जिसके आधार पर मुझे आईआईटी कानपुर में दाखिला मिल जाएगा। मेरी रुचि इलेक्ट्रिकल व कंप्यूटर साइंस में है। लक्ष्य साध कर सभी विषयों की बराबर तैयारी की। साथ ही जमकर अभ्यास किया और ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन मॉक टेस्ट देकर अपने को परीक्षा के लिए तैयार किया। मैंने सीएमएस अलीगंज से 97.5 प्रतिशत अंक से इंटर उत्तीर्ण किया। पिता विजय कुमार त्रिपाठी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता और मां सुमन त्रिपाठी गृहिणी हैं।
रमन सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
सिविल सर्विसेस में संवारना है भविष्य
रमन सक्सेना एमबीए, रैक 3
मैंने यूपीएसईई केवल अनुभव के तौर पर दिया। एमबीए की पढ़ाई करने का इरादा नहीं है। मैं सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा हूं और इसी क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहता हूं। मैने वर्ष 2010 में एचबीटीआई कानपुर से बीटेक किया। उसके बाद कुछ समय सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी की और बाद में अपना व्यवसाय संभालने लगा। काफी समय से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा हूं, परीक्षा देने का अनुभव प्राप्त करने के लिए मैंने यूपीएसईई दी, जो छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनको मेरी सलाह है कि वे अपने कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस करें। उन पर मजबूती हासिल करें। पिता डॉ. बृजेश सक्सेना चिकित्सक और मां विमल रानी सक्सेना गृहिणी हैं
रमन सक्सेना एमबीए, रैक 3
मैंने यूपीएसईई केवल अनुभव के तौर पर दिया। एमबीए की पढ़ाई करने का इरादा नहीं है। मैं सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा हूं और इसी क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहता हूं। मैने वर्ष 2010 में एचबीटीआई कानपुर से बीटेक किया। उसके बाद कुछ समय सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी की और बाद में अपना व्यवसाय संभालने लगा। काफी समय से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा हूं, परीक्षा देने का अनुभव प्राप्त करने के लिए मैंने यूपीएसईई दी, जो छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनको मेरी सलाह है कि वे अपने कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस करें। उन पर मजबूती हासिल करें। पिता डॉ. बृजेश सक्सेना चिकित्सक और मां विमल रानी सक्सेना गृहिणी हैं
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प्रिंस त्रिवेदी
- फोटो : अमर उजाला
लक्ष्य यदि तय हो तो तैयारी हो जाती है आसान
प्रिंस त्रिवेदी एमसीए रैंक 4
मुझे कंप्यूटर के क्षेत्र में रिसर्च करने की इच्छा है। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएसएसी मैथ्स व कंप्यूटर में पढ़ाई करने के बाद मैंने एमसीए करने की ठानी। ज्यादा समय नहीं लिया तैयारी के लिए। कक्षा 11 और 12 की एनसीईआरटी किताब से मैथ्स का अभ्यास किया। साथ ही रीजनिंग, इंग्लिश और जीके की थोड़ी तैयारी की थी। बाकी छात्रों के लिए टिप्स है कि वे पहले यह तय कर लें कि उनको करना क्या है। एक बार लक्ष्य तय कर लिया तो तैयारी करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती। पिता अरुण कुमार त्रिवेदी एस्ट्रोलॉजर और मां सुमन त्रिपाठी गृहिणी हैं।
प्रिंस त्रिवेदी एमसीए रैंक 4
मुझे कंप्यूटर के क्षेत्र में रिसर्च करने की इच्छा है। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएसएसी मैथ्स व कंप्यूटर में पढ़ाई करने के बाद मैंने एमसीए करने की ठानी। ज्यादा समय नहीं लिया तैयारी के लिए। कक्षा 11 और 12 की एनसीईआरटी किताब से मैथ्स का अभ्यास किया। साथ ही रीजनिंग, इंग्लिश और जीके की थोड़ी तैयारी की थी। बाकी छात्रों के लिए टिप्स है कि वे पहले यह तय कर लें कि उनको करना क्या है। एक बार लक्ष्य तय कर लिया तो तैयारी करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती। पिता अरुण कुमार त्रिवेदी एस्ट्रोलॉजर और मां सुमन त्रिपाठी गृहिणी हैं।
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राहुल गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
समसामयिक घटनाओं के प्रति रहें जागरूक
- राहुल गुप्ता, एमसीए, रैंक 2
मैं मूल रूप से अयोध्या का रहना वाला हूं। सरकारी नौकरी के लिए पिछले काफी समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। वर्ष 2015 में मैंने अयोध्या के अवध यूनिवर्सिटी से बीएससी किया। तभी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। यूपीएसईई के लिए मैंने कोई तैयारी नहीं की थी। पिछले कुछ वर्षों के प्रश्न पत्र हल कर अभ्यास किया था। बाकी छात्रों के लिए मेरी सलाह है कि वे हमेशा खुद को अपडेट करते रहें। समसामयिक घटनाओं के प्रति जागरूक रहें और उनकी जानकारी रखें। यह उनके ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होगा। पिता ओमप्रकाश गुप्ता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता और मां संध्या गुप्ता गृहिणी हैं।
- राहुल गुप्ता, एमसीए, रैंक 2
मैं मूल रूप से अयोध्या का रहना वाला हूं। सरकारी नौकरी के लिए पिछले काफी समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। वर्ष 2015 में मैंने अयोध्या के अवध यूनिवर्सिटी से बीएससी किया। तभी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। यूपीएसईई के लिए मैंने कोई तैयारी नहीं की थी। पिछले कुछ वर्षों के प्रश्न पत्र हल कर अभ्यास किया था। बाकी छात्रों के लिए मेरी सलाह है कि वे हमेशा खुद को अपडेट करते रहें। समसामयिक घटनाओं के प्रति जागरूक रहें और उनकी जानकारी रखें। यह उनके ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होगा। पिता ओमप्रकाश गुप्ता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता और मां संध्या गुप्ता गृहिणी हैं।