संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित प्रशासनिक सेवा परीक्षा-2023 में एक बार फिर से लखनऊ के होनहारों ने अपना जलवा बिखेरकर बादशाहत कायम की। आदित्य श्रीवास्तव ने जहां देशभर में पहला स्थान हासिल किया तो ऐश्वर्यम प्रजापति ने 10वीं रैंक हासिल की। इसके साथ ही राजधानी के 10 से ज्यादा मेधावियों ने परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवा में अपनी चमक बिखेरी। पेश है इन मेधावियों की कहानी, उन्हीं की जुबानी :
सिविल सेवा परीक्षा: ज्यादातर टॉपर्स ने कोचिंग नहीं ऑनलाइन की तैयारी, सुनें - सितारों की कहानी उन्हीं की जुबानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
38वीं रैंक प्राप्त करने वाले अनिमेष वर्मा ने बताया कि मैं मूल रूप से हरदोई जिले का निवासी हूं। मेरे पिता डॉ. सर्वेश कुमार उत्तर प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। मां रेखा वर्मा गृहिणी हैं। मैंने जयपुरिया से 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। मेरा मानना है कि सिविल सेवा के सिलेबस में क्या पढ़ना है से ज्यादा क्या नहीं पढ़ना है, के बारे में जानना ज्यादा जरूरी है।
48वीं रैंक प्राप्त करने वाले अंशुल हिंडल का कहना है कि मैं इस समय लखनऊ में पीसीएस की ट्रेनिंग कर रहा हूं। पीसीएस में सफलता हासिल करने के बाद आईएएस की तैयारी कर रहा था। मेरे पिता हरपाल सिंह जो एलआईसी से सेवानिवृत्त हैं, ने हमेशा मुझे प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया। मेरी मां मुनेस सिंह गृहिणी हैं। मैंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसलिए मैं अपनी सेवा के दौरान लोगों को तकनीक का लाभ देकर ज्यादा से ज्यादा सेवा करना चाहता हूं।
118वीं रैंक हासिल करने वाले सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि मैं इस समय लखनऊ सदर में नायब तहसीलदार पद पर तैनात हूं। यह मेरा अंतिम प्रयास था। दो बार प्रारंभिक और चार बार साक्षात्कार देने के बाद मेरा चयन हुआ। मेरा मानना है कि सिविल सेवा में सफलता हासिल करने के लिए धैर्य बेहद जरूरी है। मैं अपने पिता एके श्रीवास्तव, मां सुषमा श्रीवास्तव और बहन अदिति को इसका श्रेय दूंगा। मैं मूलरूप से बनारस का रहने वाला हूं।
आंसर राइटिंग पर करें फोकस
212वीं रैंक प्राप्त करने वाले अमितेज पांगती का कहना है कि सिविल की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए आंसर राइटिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसका मैंने जमकर अभ्यास किया था। साथ ही पिछले कुछ साल के पेपर से भी अभ्यास किया। मैंने जयपुरिया स्कूल से 12वीं तक की परीक्षा पास करने के बाद आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया है। इसके बाद मैंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। मेरे पिता कर्नल टीडीएस पांगती और मां मीता साह को मैं अपनी सफलता का श्रेय देना चाहता हूं।