जंगल से भटकर तेंदुआ एक गांव में पहुंच गया। वहां सड़क पर जा रहे एक युवक पर हमला कर उसे घायल कर दिया। शोर मचाने पर लोग दौड़े तो तेंदुआ एक घर में घुस गया। ग्रामीणों ने बाहर से दरवाजा बंद कर तेंदुए को कैद कर लिया। सूचना पर चार घंटे बाद दुधवा नेशनल पार्क की टीम गांव पहुंची। टीम ने तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज कर काबू किया। वन्यजीव विशेषज्ञ मादा तेंदुआ को बेहोश कर रेंज कार्यालय ले गए हैं। परीक्षण के बाद उसे कहां छोड़ा जाएगा, इसका निर्णय लिया जाएगा।
बहराइच के एक घर में घुसा तेंदुआ, जान बचाकर भागे लोग, चार घंटे तक रहा दहशत का माहौल, तस्वीरें
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सुबह 10 बजे के आसपास गांव के निकट रास्ते पर अशोक (40) ने तेंदुए को देखा तो शोर मचाया। इस पर तेंदुए ने उसे नोंचकर घायल कर दिया। चीख पुकार पर गांव के लोग दौड़े। भीड़ देखकर तेंदुआ गांव की ओर भागा। सुरक्षित स्थान न पाकर वह रामसिंह के मकान में घुस गया। परिवार के लोगों ने किसी तरह घर के अंदर से भागकर जान बचाई। मकान को बाहर से बंद कर दिया।
ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया। इससे तेंदुआ घर के अंदर दुबका रहा। सूचना रेंज कार्यालय व सुजौली थाने पर दी गई। पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंच गए। लेकिन वनकर्मी डेढ़ घंटे बाद गांव पहुंच सके। तेंदुआ अंदर बंद होने के कारण उसके रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर सभी शांत हो गए। वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने तत्काल डीएफओ जीपी सिंह को मामले की जानकारी दी। इसके बाद लखनऊ चिड़ियाघर और दुधवा नेशनल पार्क को सूचना दी गई।
लगभग चार घंटे बाद दुधवा नेशनल पार्क से डब्ल्यूटीआई के वन्यजीव विशेषज्ञ प्रेमचंद व रितिका मैच्युरी की अगुवाई में टीम गांव पहुंची। टीम ने मकान के टीनशेड पर चढ़कर कमरे में मौजूद तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज किया। तेंदुए के बेहोश होने के बाद उसे काबू में कर बाहर निकाला गया। पिंजड़े में बंद कर तेंदुए को रेंज कार्यालय ले जाया गया। वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि तेंदुए के होश में आने के बाद विशेषज्ञों व चिकित्सकों की टीम परीक्षण करेगी।
घायल युवक सीएचसी में भर्ती
घायल अशोक कुमार को वनकर्मियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में भर्ती कराया है। तेंदुए ने उसके हाथ और पीठ को नोंचा है।
स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ा जाएगा
वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ अभी बेहोश है। होश में आने पर चिकित्सकों और विशेषज्ञों का पैनल परीक्षण करेगा। अगर तेंदुआ स्वस्थ हुआ तो उसे कतर्नियाघाट के गेरुआ पार जंगल में छोड़ा जाएगा। अस्वस्थ होने पर चिड़ियाघर लखनऊ भेजा जाएगा।