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ऐसे जज्बे को सलामः पेपर के दिन ही पिता का देहांत, फिर भी लाया 100 में 100 मार्क्स

Wed, 16 May 2018 01:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 16 May 2018 01:53 AM IST
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students achievement in spite of problems in personal life
अनमोल और सार्थक - फोटो : amarujala
राहें चाहे जैसी हों...। ऊबड़-खाबड़...पथरीली या फिर कांटों वाली। मंजिल वही पाता है जो चलते जाता है। इन सबसे बेपरवाह। हम बता रहे हैं कुछ ऐसे ही होनहारों के बारे में। जो मुश्किल हालात में रुके नहीं। हौसला नहीं डिगा। बस बढ़ते गए ... और फलक पर लिख दिया अपना नाम। पढें इनकी कहानी--- आपको भी हौसला देगा।
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अनमोल - फोटो : amar ujala

12वीं के बाद इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले अनमोल की राह इतनी आसान नहीं थी। मैथ्स के पेपर के दिन अनमोल के पिता अजय कुमार श्रीवास्तव का देहांत हो गया। इसके बावजूद अनमोल ने गणित के पेपर में 100 में 100 नंबर हासिल किए। सीएमएस कानपुर रोड शाखा के छात्र अनमोल इस सफलता के पीछे मां रेखा श्रीवास्तव से मिली प्रेरणा मानता है। आईएससी में मैथ्स का पेपर 26 फरवरी को था। इसी दिन पिता अजय कुमार श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा और देहांत हो गया। मौत के आधा घंटा बाद ही उसने गणित का पेपर दिया और 100 मेें से 100 नंबर हासिल किए। अनमोल ने कुल मिलाकर 98.25 प्रतिशत नंबर हासिल किये। इनमें से कंप्यूटर साइंस में 100, फिजिकल एजूकेशन में 100, फिजिक्स में 97, केमिस्ट्री में 95 और इंग्लिश में 93 नंबर हासिल किए हैं। अनमोल अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के साथ ही शिक्षकों को देते हैं। 

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अनमोल - फोटो : amarujala
‘मम्मी ने दिया पेपर देने का हौसला’
मैं पेपर देने की स्थिति में नहीं था। पिताजी की मौत मेरे लिए सबसे बड़ा सदमा था। मैंने मां से पेपर न देने की बात कही। ऐसे में मेरी मां ने कहा कि पापा चाहते थे कि तुम परीक्षा दो। सुबह 10 बजे मैं अस्पताल में था। इसके बाद दो बजे मैं परीक्षा देने पहुंच गया। पिता मैथ्स में बहुत अच्छे थे। पब्लिक सेक्टर की यूनिट में काम करने के बावजूद वो मुझे पढ़ाते थे। मैंने उनका ध्यान करके परीक्षा देने की शुरुआत की। इसके बाद घर आकर पिता का अंतिम संस्कार किया। इसके ठीक एक दिन बाद ही इंग्लिश का पेपर था।
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विधि श्रीवास्तव - फोटो : amarujala

बाएं हाथ में फ्रैक्चर हुआ तो दाएं से किया लिखने का अभ्यास
लगन पक्की हो तो बाधा मायने नहीं रखती। सीआईएससीई की परीक्षा में 94.4 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली सीएमएस की छात्रा विधि श्रीवास्तव ने इसे सच साबित कर दिखाया। अक्तूबर में हुए हादसे में विधि के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। बावजूद इसके उसने हार नहीं मानी। बाएं हाथ से लिखने वाली विधि ने चोट ठीक न होने पर दाएं हाथ से भी लिखने का अभ्यास किया और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए। 

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आशुतोष सिंगथ - फोटो : amarujala
मां की मेहनत को बेटे ने किया सार्थक
सिंगल मदर अलका ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका बेटा 12वीं में देशभर में तीसरा स्थान लाकर उनकी मेहनत को इस तरह से सार्थक कर देगा। सीएमएस गोमतीनगर के आशुतोष सिंगथ ने आईएससी में 99 फीसदी अंक हासिल करके देशभर में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। उनके पिता पीयूष सिंगथ की आठ साल पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद मां ने हिम्मत नहीं हारी और हमेशा आशुतोष को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। 
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