माना जाता है कि कभी बंदर हमारे पूर्वज हुआ करते थे। लेकिन आज कोई किसी बंदर को अपना वारिस घोषित करते हुए करोड़ों की संपत्ति उसके नाम कर दे तो खबर वाकई चौंकाने वाली है। ऐसा ही कुछ हुआ है रायबरेली में।
जहां की सबिस्ता ने औलाद न होने पर अपने बंदर चुनमुन को न सिर्फ संपत्ति का वारिस बना दिया, बल्कि अब उसकी मौत के बाद घर में ही मंदिर बनवाया है। सोमवार को मंदिर में राम, लक्ष्मण, सीता के अलावा चुनमुन (बंदर) की मूर्ति रखवाई गई। इसमें प्रतिष्ठित लोगों ने शिरकत की और इस कार्य की सराहना भी की।
शहर के शक्ति नगर मोहल्ले की रहने वाली सबिस्ता पत्नी बृजेश श्रीवास्तव को शादी के कई साल बाद भी औलाद की खुशी नहीं मिल सकी। वर्ष 2004 में कुछ लोग एक बंदरिया को मार रहे थे। सबिस्ता ने उसे 300 रुपये में खरीद लिया। एक दिन बंदरिया मर गई। छह महीने बाद एक मदारी चुनमुन बंदर को लेकर जा रहा था। सबिस्ता ने मदारी से लेकर उसे (चुनमुन) पाल लिया। बेटे की तरह उसका ख्याल रखती थीं।
बंदर के नाम ही मकान, गाड़ी, दो बीघे जमीन, एक प्लॉट, 20 लाख की बैंक में एफडी करवाई। बाकायदा चुनमुन के लिए घर में ही एयरकंडीशंड रूम बनवाया। 2017 में चुनमुन का विवाह भी कराया।
बीती 15 मई को चुनमुन यानि करोड़पति बंदर की मौत हो गई। मौत के बाद हिंदू रीति रिवाज से चुनमुन की तेरहवीं भी की। अब उसकी प्रतिमा लगाकर मंदिर बनवा दिया।