‘अस्सलाम वालेकुम, एक रात में इसने (कारी ने) एक लड़की को बुलाया था और उसके साथ बहुत बुरा किया। ये रोज किचन में जाता है और लड़कियों को बुलाता है।’ मदरसे में बंधक बनी कक्षा आठ की एक छात्रा के हाथों लिखी पर्ची के इस मजमून से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां क्या चल रहा था। छात्राओं ने कारी की घिनौनी हरकतों को जो शब्द दिए हैं, उनका बयान नहीं किया जा सकता।
एसएसपी का कहना है कि कारी तैय्यब कब से छात्राओं के साथ ऐसी हरकतें कर रहा था, इस काम में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, कहीं वह छात्राओं से कोई और गलत काम तो नहीं करा रहा था? इसकी गहराई से जांच कराई जा रही है।
एक पर्ची पर कारी के ऑफिस में काम करने वाली लड़की का जिक्र किया गया है। पीड़ित छात्रा ने लिखा कि वह लड़की कारी की काफी नजदीकी है और उसके ऑफिस में ही रहती है। वही लड़की बाकी छात्राओं को कारी के पास भेजती थी। वह छात्राओं को डराती-धमकाती थी। कहती थी कि जो कहा जाए वही करना। ऐसा न करने पर पिटाई की धमकी देती थी।
उससे सारी छात्राएं डरती हैं। जैसा वह कहती है, छात्राएं वैसा ही करती हैं। अक्सर वह छात्राओं को रात में किचन व ऑफिस में भेज देती है जहां कारी आकर उनसे गंदी हरकतें करता है। पीड़ित छात्राओं को मदद की कोई उम्मीद नही दिखी तो उन्होंने मदरसे की खिड़कियों से चोरी-छिपे पर्चियां फेंककर गुहार लगाई।
छात्राओं के दिल-दिमाग इतनी दहशत में थे कि पर्चियां फेंकने के बाद भी उन्हें दोजख से निजात की उम्मीद नहीं थी। एक छात्रा ने कहा कि हम लोगों ने पर्चियां लिखकर अपनी पीड़ा बताई लेकिन बहुत डर लग रहा था। अगर मदद न मिलती और कारी को पर्चियों के बारे में पता लग जाता तो बहुत पिटाई की जाती। छात्राओं ने लिखा कि, ‘पर्चियां पढ़कर फाड़ देना, किसी से बताना मत। वरना वो लोग हम लोगों को बहुत मारेंगे।’