बारिश के मौसम में वायरल बुखार, डेंगू और चिकनगुनिया के अलावा जोड़ों में दर्द की समस्या भी बहुत आम है। ऐसे मौसम में हड्डियों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। बारिश के मौसम में हड्डियों से जुड़ी क्या दिक्कतें हो सकती हैं और कैसे उनसे बचा जाए? इस बारे में बता रहे हैं बलरामपुर अस्पताल के सीनियर कन्सल्टेंट आर्थोपैडिक व सर्जन डॉ. जीपी गुप्ता।
आप भी गठिया रोग से हैं परेशान तो इन बातों को करें फॉलो, रहेगा काफी फायेदमंद
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डॉ गुप्ता के अनुसार बारिश का मौसम आर्थराइटिस के मरीजों के लिए बहुत खराब होता है। यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने वाली शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली आपके जोड़ों को तकलीफ देती है। इसमें घुटनों, कूल्हों और हाथों में दर्द की समस्या होती है। नमी बढ़ने से दर्द भी बढ़ने लगता है। बारिश गठिया मरीजों के लिए भी काफी घातक साबित होती है। वायरल इंफेक्शन से दिक्कत बढ़ जाती है।
गठिया के मरीज हैं और सुबह जल्दी नहाने की आदत है तो हल्के गर्म पानी से नहाएं। यदि किसी का ऑपरेशन हुआ है, इम्प्लांट पड़े हैं, सरिया निकाली गई है तो ऐसे मरीज चलने-फिरने में बेहद सावधानी रखें। जरा सा असंतुलन जॉइंट्स खोल सकता है। इसके अलावा इसी मौसम में लोग फिसलते ज्यादा हैं। चाहे बाइक सवार हों या फिर कीचड़ में फिसलकर गिरना हो। यह फ्रैक्चर का कारण बनता है।
एसी-कूलर की स्पीड धीमी रखें
आमतौर पर होता है कि रात 12 बजे के बाद पारा गिरने से ठंड सी लगने लगती है। लोग एसी और कूलर की स्पीड तेज करके सो जाते हैं। यह ठंड हड्डी की तकलीफ को और बढ़ा देती है। यदि एसी चलाकर सोना है तो स्पीड 26 के आसपास कर दें। शुरुआत में थोड़ी गर्मी लगेगी, लेकिन कुछ देर बाद तापमान सामान्य हो जाएगा। रात की नींद भी नहीं खराब होगी और हड्डियों को भी नुकसान नहीं होगा। हो सके तो कूलर चलाकर सोने से बचें।
चूंकि यही मौसम डेंगू और चिकनगुनिया का भी होता है। आमतौर पर इस बीमारी के बाद जोड़ों में होने वाले दर्द को लोग गठिया समझ लेते हैं और दवाई लेना शुरू कर देते हैं। ऐसा भूलकर भी न करें। तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और सही उपचार करें, वरना जीवन भर दर्द झेलना पड़ सकता है।