क्रिसमस के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को पड़ने जा रहे खंडग्रास सूर्यग्रहण के चलते नगर के मंदिरों में पूजन दर्शन बुधवार रात को 8 बजे से बंद हो जाएंगे। ज्योतिषियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार की सुबह 8:21 बजे से ही सूर्यग्रहण लग रहा है, ऐसे में सूतक के चलते 12 घंटे पहले बुधवार रात 8:21 बजे के बाद से ही मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे।
सूर्यग्रहण कल, लखनऊ में एक मिनट पहले होगा शुरू, राशि के अनुसार करें भगवान की उपासना
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आचार्य प्रदीप ने बताया कि अमावस्या को कंकणाकृति (अंगूठी) खंडग्रास सूर्यग्रहण काशी समय अनुसार 26 दिसंबर को सुबह 8:21 बजे से शुरू होगा। 8:21 बजे से स्पर्श के बाद 9:40 बजे ग्रहण का मध्य होगा, 11:14 बजे मोक्ष होगा। ग्रहण लगभग 173 मिनट लंबा चलेगा। लखनऊ में यह इस बार एक मिनट पहले 8:20 बजे से शुरू होगा।
जातकों के लिए मिला-जुला रहेगा ग्रहण का फल
ज्योतिषी पं.राकेश पांडेय ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण कंकणाकृति खण्डग्रास सूर्य ग्रहण होगा। भारत के अधिकांश भागों से दिखेगा। ग्रहण का स्पर्श मूल नक्षत्र व धनु राशि में होगा। विशेष रूप से मूल नक्षत्र व धनु राशि में जन्म लेने वालों को इस सूर्यग्रहण को नहीं देखना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, बच्चों, बुजुर्गों व रोगी को छोड़कर सूर्यग्रहण से 12 घंटे पूर्व आहार वर्जित है। ग्रहण काल में शयन न करें, भोजन न करें। गर्भवती स्त्रियों को विशेष उपाय करने चाहिए।
मेष - मान हानि व शारीरिक कष्ट, हनुमान जी की आराधना करें।
वृष - कठिन कष्ट शक्ति की उपासना करें।
मिथुन - स्त्री-पति को कष्ट, शक्ति की आराधना उत्तम।
कर्क- सुख प्राप्ति।
सिंह- मानसिक कष्ट, शिव की उपासना श्रेष्ठ।
कन्या- मानसिक व शारीरिक कष्ट, ईश उपासना करें।
तुला - धन की प्राप्ति के आसार।
वृश्चिक - आर्थिक कष्ट हो सकता है, हनुमत आराधना श्रेष्ठ।
धनु- शारीरिक व मानसिक कष्ट, विष्णु आराधना श्रेयस्कर।
मकर - ग्रहण दर्शन अशुभ, हनुमत आराधना उत्तम।
कुम्भ - धन लाभ केयोग।
मीन -सुख की प्राप्ति के योग।