सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर इन दिनों उनके अपने ही हमलावर हैं। एक ओर चाचा शिवपाल यादव अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के सम्मान और अपनी उपेक्षा को लेकर भतीजे पर हमला कर रहे हैं तो वहीं सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी अखिलेश को झटके दे रहे हैं। ऐसे में यूपी की सियासत बड़े उलटफेर के संकेत दे रही है। ओमप्रकाश राजभर ने तो दो टूक अपनी बात कह भी दी है।
अखिलेश पर अपनों के वार: अब चाचा ने किया 'मुलायम हमला', बड़े सियासी उलटफेर के संकेत दे रही शिवपाल-राजभर की जोड़ी
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राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के बाद मीडिया से मुखातिब राजभर ने कहा कि एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू भारी मतों से जीतेंगी। उन्होंने कहा कि सपा से नाराजगी की कई वजहें हैं। राष्ट्रपति चुनाव में न तो विपक्ष के प्रत्याशी ने उनसे वोट मांगा न ही किसी नेता ने उनसे कहा। मुर्मू ने उनसे मत एवं समर्थन मांगा है, इसलिए वे और उनके दल के सभी विधायकों ने उनको वोट दिया है।
सपा विधायक शिवपाल यादव ने कहा कि कोई भी समाजवादी सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सच्चा समाजवादी राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के पक्ष में मतदान नहीं करेगा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने उनके चाचा शिवपाल यादव से उनके नाम पर चिट्ठी लिखवाई और फिर उसे दिल्ली से वायरल किया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि लखनऊ के लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वाले भाजपा के प्रशिक्षित लोग थे।
राष्ट्रपति चुनाव में सोमवार को मतदान करने विधानभवन पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि शिवपाल की चिट्ठी को सबसे पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर वायरल की। इससे साफ है कि पत्र भाजपा की साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि लुलु मॉल के निर्माण से राजधानी में निवेश आया है। इस मॉल का कार्य सपा सरकार में शुरू हुआ था। सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर और शिवपाल यादव के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि जिसे जाना है, वह जा सकता है। वह किसी को रोक नहीं सकते।