{"_id":"5f86a3e28ebc3e8cba6c3c23","slug":"seventy-percent-swadeshi-items-in-deepawali-market-in-lucknow","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस साल चीनी गणेश-लक्ष्मी मूर्तियों का एकाधिकार खत्म, स्वदेशी माल की बहार, तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस साल चीनी गणेश-लक्ष्मी मूर्तियों का एकाधिकार खत्म, स्वदेशी माल की बहार, तस्वीरें
Wed, 14 Oct 2020 12:56 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 14 Oct 2020 12:56 PM IST
विज्ञापन
सजावटी सामानों से सजी दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के दीपावली बाजारों में इस बार स्वदेशी आइटमों की बहार है। रंग-बिरंगी मटका झालर, पतंग झालर, कैंडल से लेकर स्वदेशी स्टाइलिश लैंप तक लोगों को लुभा रहा है। इस बार बाजारों में करीब 70 फीसदी स्वदेशी आइटमों का कब्जा है। महज 30 फीसदी विदेशी आइटम बाजारों में नजर आ रहे हैं। इनमें भी 20 फीसदी चीनी और 10 फीसदी थाईलैंड का पुराना स्टॉक बताया जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
हर साल कारोबारी जहां विदेशी माल की डिमांड करते थे, वहीं इस बार अहमदाबाद और दिल्ली से स्वदेशी माल मंगवाने में रुचि ले रहे हैं। दिल्ली में जिन बड़े स्टॉकिस्ट के पास चीनी माल की भरमार है, वह उसको जापानी का बताकर बेच रहे है। यानी झालर, कैंडल और लैंप की पैकिंग पर जापानी कंपनियों का ठप्पा लगाकर बाजार में उतारा है।
- फोटो : अमर उजाला
इस बार चीनी और स्वदेशी जो आइटम अब तक बाजार में आए उनमें कुछ झालर को छोड़ कर अन्य की कीमतों में भी बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। कोरोना संक्रमण और एलएसी पर उपजे विवाद के बाद राजधानी के लोग भी सबसे ज्यादा स्वदेशी की डिमांड कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
थाईलैंड के आइटम
नाका कारोबारी नीलेश अग्रवाल टाटा ने बताया कि दीपावली बाजार में 10 फीसदी थाईलैंड के आइटम कारोबारियों ने उतारे हैं। थाईलैंड की झूमर, लोट्स कैंडल, कैंडल लैंप, मंदिर कैंडल खूब आकर्षित कर रहे हैं। इन आइटम की कीमत रिटेल में 95 रुपये से 650 रुपये तक है।
नाका कारोबारी नीलेश अग्रवाल टाटा ने बताया कि दीपावली बाजार में 10 फीसदी थाईलैंड के आइटम कारोबारियों ने उतारे हैं। थाईलैंड की झूमर, लोट्स कैंडल, कैंडल लैंप, मंदिर कैंडल खूब आकर्षित कर रहे हैं। इन आइटम की कीमत रिटेल में 95 रुपये से 650 रुपये तक है।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
दीपावली पर बिकने वाली चीनी गणेश-लक्ष्मी मूर्तियों का इस साल साम्राज्य खत्म हो गया। गुजरात, दिल्ली और मेरठ में इस बार स्वदेशी इंडियन गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों को खूब तैयार किया गया है, लेकिन ये चीनी मूर्तियों के सापेक्ष चार गुनी तक महंगी है। अमीनाबाद के न्यू प्रताप मार्केट के कारोबारी अनुज अग्रवाल ने बताया कि इस बार लोग इंडियन गणेश-लक्ष्मी मूर्तियों की पूजा करेंगे। इसकी वजह चीनी गणेश-लक्ष्मी मूर्तियों का अभाव है। पर, ग्राहकों को अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। जो चीनी गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति 100 से 500 रुपये में मिलती थी, उसके सापेक्ष इंडियन गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियाें की कीमत 100 रुपये से 2000 रुपये तक है।