लखनऊ के हजरतगंज में जवाहर भवन के सामने एचडीएफसी बैंक परिसर में बैठे कैशवैन के सुरक्षा कर्मी स्वामी दयाल त्रिपाठी (50) को संदिग्ध हालात में गोली लग गई। पुलिस ने आनन-फानन उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। त्योहार के दिन भीड़भाड़ वाले इलाके में अचानक गोली चलने से भगदड़ की स्थिति हो गई थी। इसे संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
लखनऊः बच्चे व पत्नी घर पर कर रहे थे इंतजार, पहुंची मौत की सूचना
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अलग-अलग कहानी से घटना पर उठ रहे सवाल
एलायंस सिक्योरिटी के एरिया मैनेजर अमित श्रीवास्तव के मुताबिक, स्वामी दयाल त्रिपाठी बैंक परिसर में बंदूक की सफाई कर रहे थे। इस दौरान गोली चली और स्वामी दयाल की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस इस तर्क को गलत बता रही है। पुलिस के मुताबिक, गार्ड वहां बंदूक साफ नहीं कर रहा था। वह सुरक्षा में तैनात था। सुरक्षाकर्मी स्वामी दयाल की थोड़ी सी लापरवाही ने उसकी जान ले ली।
गोली मारकर लूट की सूचना, हड़कंप
अचानक गोली चलने की आवाज पर लोगों ने पुलिस को हत्या कर लूट की सूचना दी। आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू किया। प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक, बैंक में पूछताछ में पता चला कि 16 लाख रुपये कलेक्शन का लेकर आए थे। जिसे जमा करा दिया था। नकदी जमा करते समय ही हादसा हुआ। पुलिस ने नकदी जमा करने की रसीद भी कब्जे में ले ली है। स्वामी दयाल के घर में धनतेरस व दीपावली की तैयारी चल रही थी। पत्नी व बच्चे उनका इंतजार कर रहे थे। स्वामी दयाल घर तो नहीं पहुंचे, लेकिन उनको गोली लगने की सूचना परिवारीजनों को मिली तो सिविल अस्पताल पहुंची पत्नी शव देखते ही बेहोश हो गईं। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।