लकी बाइक और बैग लेकर वारदात को अंजाम देते थे लुटेरे, लक धोखा दिया तो पुलिस गिरफ्त में आए
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पूर्व सांसद ने कहा, साजिद से दो दशक से संबंध नहीं
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चौक की वारदात के खुलासे के लिए प्रदेश और अन्य प्रदेशों में हुई शूट एंड लूट की वारदातों का ब्यौरा निकलवाया गया था। कई वारदातों में सीसीटीवी फुटेज भी मिले। अंबेडकरनगर में आईसीआईसीआई बैंक में पड़ी डकैती का फुटेज चौक की वारदात से काफी मेल खाता दिख रहा था।
पुलिस ने गहराई से पड़ताल की तो साफ हो गया कि दोनों वारदातों की फुटेज में बाइक और बैग एक ही था। पुलिस ने दोनों घटनास्थल के मोबाइल टॉवर से हजारों नंबरों का ब्यौरा खंगाला। इसमें से कुछ नंबर ऐसे मिले जो अंबेडकरनगर के बाद लखनऊ में सक्रिय थे। उन नंबरों पर किस-किस व्यक्ति से बात हुई?
यह पता लगाने के बाद पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया और साजिद व मुंबई के धारावी में बैठे खूनी लुटेरों तक पहुंच गई। लुटेरों ने पूछताछ में बताया भी कि बाइक और बैग को वह लकी मानते थे। हालांकि, इस बार उनका लक धोखा दे गया और पुलिस लकी साबित हुई।
खूनी लुटेरों के दो साथियों का नहीं लगा सुराग
पूर्व सांसद ने कहा, साजिद से दो दशक से संबंध नहीं
चौक लूट व हत्या के मामले में गिरफ्तार साजिद पर बसपा के पूर्व सांसद दाऊद अहमद ने बदनाम करने और छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि साजिद से उनका दो दशक से कोई संबंध नहीं है। उससे नाम जोड़ने के पीछे राजनीतिक छवि धूमिल करने का षड्यंत्र है।
खुद साजिद ने ही वर्ष 2005 में पुलिस को लिखकर दिया था कि उसकी दाऊद अहमद से दुश्मनी है। वह दूर का रिश्तेदार है, लेकिन उससे अनबन चल रही है। उन्होंने रिवर बैंक कॉलोनी स्थित आवास पर बैठक करने की बात को भी निराधार व भ्रामक बताया। पूर्व सांसद ने कहा कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों से इसकी पुष्टि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में अपराध को कभी बढ़ावा नहीं दिया।
खूनी लुटेरों के दो साथियों का नहीं लगा सुराग
खूनी लुटेरों के दो साथियों का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बदमाश घर से भागे हुए हैं। उनके परिवारीजनों और परिचितों से संभावित ठिकानों की जानकारी लेकर पुलिस की टीमें भेजी गई हैं।
यह थी वारदात
चौक के नेहरू क्रॉस इलाके में 20 फरवरी की दोपहर कमला पसंद पान मसाला के स्टॉकिस्ट रामनिवास अग्रवाल के कार्यालय में धावा बोलकर दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। रामनिवास के कर्मचारी सुभाष गुप्ता ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने शुक्रवार को मुंबई के धारावी निवासी फिरोज खान और कादिर अनवर, अंबेडकरनगर के मो. अतीक तथा वजीरगंज निवासी साजिद को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम में से 45 लाख रुपये बरामद किए थे। इसमें से 50000 रुपये अंबेडकरनगर टांडा में आईसीआईसीआई बैंक से लूटे गए थे। वारदात में दो और बदमाश शामिल थे जिनकी तलाश की जा रही है।