सपा के अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश यादव ने अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। इसमें शिवपाल सिंह यादव को जगह नहीं मिली है। ऐसे में यही कहा जा रहा है कि शिवपाल को लेकर अखिलेश की खटास दूर नहीं हुई है।
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सपा की 55 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में किरनमय नंदा को फिर से उपाध्यक्ष और संजय सेठ को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। रामगोपाल यादव को प्रोन्नत करके प्रमुख महासचिव का दायित्व सौंपा गया है। आजम खां, नरेश अग्रवाल, रवि प्रकाश वर्मा, सुरेन्द्र नागर और इंद्रजीत सरोज समेत 10 महासचिव बनाए गए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी समेत 10 नेताओं को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली है।
अखिलेश ने नए संविधान के अनुसार एक उपाध्यक्ष, एक प्रमुख महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, 10 महासचिव, 10 सचिव बनाए हैं। कार्यकारिणी में 25 सदस्य और 6 विशेष आमंत्रित सदस्य नामित किए हैं। संभावना जताई जा रही थी कि अखिलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व अपने चाचा शिवपाल को राष्ट्रीय टीम में शामिल करेंगे। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाने की अटकलें थीं लेकिन सभी 10 महासचिवों की नियुक्ति करके अखिलेश ने इस संभावना को समाप्त कर दिया। शिवपाल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में भी जगह नहीं मिल सकी है।
राष्ट्रीय महासचिव के पद पर पूर्व मंत्री आजम खां, राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल (हरदोई), रविप्रकाश वर्मा (लखीमपुर), सुरेन्द्र नागर (बुलंदशहर), पूर्व मंत्री बलराम यादव (आजमगढ़) सांसद विशंभर प्रसाद निषाद (बांदा), अवधेश प्रसाद (फैजाबाद), बसपा से आए इंद्रजीत सरोज (कौशांबी), रामजीलाल सुमन (आगरा) और रमाशंकर विद्यार्थी राजभर (देवरिया) को नामित किया गया है।
ये हैं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
जया बच्चन (मुंबई), अहमद हसन (लखनऊ), रामगोविंद चौधरी (बलिया), अबु आसिम आजमी (महाराष्ट्र), चन्द्रपाल सिंह यादव (झांसी), जावेद अली खां (मुरादाबाद), नीरज शेखर (बलिया), एसआरएस यादव (लखनऊ), अरविंद कुमार सिंह (गाजीपुर), राम आसरे विश्वकर्मा (आजमगढ़), ऊषा वर्मा (हरदोई), जूही सिंह (लखनऊ), रामहरी चौहान (मऊ), रमदुलार राजभर (आजमगढ़), विनोद सविता (अलीगढ़), डॉ. लाखन सिंह पाल (बिजनौर), डॉ. सुदीप रंजन सेन (पश्चिम बंगाल) अरुण दुबे (जौनपुर), राजीव राय (मऊ), संतोष द्विवेदी (कानपुर), जगदीप सिंह यादव (लखनऊ), अविनाश कुशवाहा (सोनभद्र), उज्जवल रमण सिंह (इलाहाबाद), संजय लाठर (हरियाणा) व राजपाल कश्यप (हरदोई)।
ये बने राष्ट्रीय सचिव
जॉय एंटोनी (केरल), रामपूजन पटेल (इलाहाबाद), डॉ. मधु गुप्ता (लखनऊ), कमाल अख्तर (अमरोहा), अभिषेक मिश्र (लखनऊ), राजेन्द्र चौधरी (गाजियाबाद), रमेश प्रजापति (गाजियाबाद), पीएन चौहान (कुशीनगर), अरुणा कोरी (कानपुर देहात) और जावेद आब्दी (अमरोहा)।
पांच विशेष आमंत्रित सदस्य नामित
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मऊ के अल्ताफ अंसारी, देवरिया के किसान सिंह सैंथवार, सोनभद्र के व्यास गौंड, फिरोजाबाद के अक्षय यादव, लखनऊ के मो. इकबाल कादरी व आगरा के शिव कुमार राठौर को विशेष आमंत्रित सदस्य नामित किया गया है।
पिछड़ों को तरजीह
अखिलेश ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन में पिछड़ों को तरजीह दी है। प्रमुख महासचिव के अलावा 10 महासचिवों में पांच पिछड़े वर्ग से और तीन दलित हैं। दलितों में पासी समाज को तरजीह दी गई है। सचिवों में भी चार पिछड़े वर्ग से हैं। इसे भविष्य में सपा की राजनीतिक लाइन का संकेत माना जा रहा है।
पांच महिलाओं को प्रतिनिधित्व
55 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पांच महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। डॉ. मधु गुप्ता व अरुणा कोरी को सचिव बनाया गया है जबकि जया बच्चन, ऊषा वर्मा व जूही सिंह कार्यकारिणी सदस्य होंगी।