हम सपना बुलेट ट्रेन का देख रहे हैं। सफर सुहाना हो इसके लिए ‘अनुभूति’ जैसे आधुनिक सुविधाओं वाले जोड़े जा रहे हैं। फिर भी यात्री परेशान हैं। एक घंटे का सफर कब चार घंटे या इससे भी ज्यादा में बदल जाए पता ही नहीं चलता। किसी भी स्टेशन पर चले जाइए। चुपचाप उतरने वाले यात्रियों को सुनिए। अक्सर आपको ये सुनने को मिलेगा...आज तो रुला दिया...। गनीमत रही आज तो समय पर आ गई...। वक्त की पटरी से क्यों उतर रही हैं ट्रेनें, पेश है रिपोर्ट..
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वक्त की पटरी से क्यों उतर रहीं हैं ट्रेन्स, जानने के लिए एक नजर डालें इस खबर पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 17 May 2018 01:08 AM IST
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- फोटो : डेमो
डेमो
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कॉशन! यह शब्द भले ही रेलवे के लिए आम हो, मेटेनेंस के लिए जरूरी हो, पर बदइंतजामी के चलते कॉशन ट्रेनों की स्पीड बुरी तरह से घटा रहा है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में 279 कॉशन हैं। इन स्थानों पर ट्रेनों की स्पीड घटकर 15 किमी प्रति घंटे पर पहुंच जाती है। नतीजा ट्रेनों की लेटलतीफी से आम यात्री रोजाना हलकान हो रहा है। आउटर पर ट्रेनों का जमावड़ा, मालगाड़ियों के संचालन पर विशेष जोर, गार्ड व लोको पायलटों की कमी परेशानी को और बढ़ा रही है।
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उफ्फ! ये इंतजार...
चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर जाइए। ट्रेनों के इंतजार करते यात्रियों की प्लेटफॉर्म पर भीड़ मिलेगी। एसी लाउंज व वेटिंग रूम फुल मिलेगा। ज्यादातर ट्रेनें लेट हो रही हैं। लग्जरी व प्रीमियम ट्रेनें भी देरी की शिकार हो रही हैं। पर, ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौटने का नाम नहीं ले रहा है।
चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर जाइए। ट्रेनों के इंतजार करते यात्रियों की प्लेटफॉर्म पर भीड़ मिलेगी। एसी लाउंज व वेटिंग रूम फुल मिलेगा। ज्यादातर ट्रेनें लेट हो रही हैं। लग्जरी व प्रीमियम ट्रेनें भी देरी की शिकार हो रही हैं। पर, ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौटने का नाम नहीं ले रहा है।
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जगह-जगह ‘स्पीड ब्रेकर’...कैसे ट्रेनें पकड़ें स्पीड
रेलवे अफसर बताते हैं किपूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कुल 163 कॉशन हैं, जहां ट्रेनों की स्पीड 15 से 20 किमी प्रति घंटा रहती है। इसमें लखनऊ से गोरखपुर के बीच करीब 275 किमी की दूरी पर 56 कॉशन हैं। ऐसे ही लखनऊ जंक्शन से बाराबंकी के बीच महज 30 किलोमीटर के दूरी पर छह कॉशन हैं। ऐसे ही गोंडा से गोंडा कचहरी के बीच 32 व गोंडा से बाराबंकी के बीच 22 कॉशन लगे हुए हैं। वहीं उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कुल 116 कॉशन हैं। इसमें चारबाग रेलवे स्टेशन से गोरखपुर के बीच 58, लखनऊ से बनारस के बीच नौ, लखनऊ से कानपुर आठ, फैजाबाद से जफराबाद 12, बाराबंकी से फैजाबाद आठ, रायबरेली से इलाहाबाद आठ व लखनऊ ऊंचाहार सात कॉशन हैं।
रेलवे अफसर बताते हैं किपूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कुल 163 कॉशन हैं, जहां ट्रेनों की स्पीड 15 से 20 किमी प्रति घंटा रहती है। इसमें लखनऊ से गोरखपुर के बीच करीब 275 किमी की दूरी पर 56 कॉशन हैं। ऐसे ही लखनऊ जंक्शन से बाराबंकी के बीच महज 30 किलोमीटर के दूरी पर छह कॉशन हैं। ऐसे ही गोंडा से गोंडा कचहरी के बीच 32 व गोंडा से बाराबंकी के बीच 22 कॉशन लगे हुए हैं। वहीं उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कुल 116 कॉशन हैं। इसमें चारबाग रेलवे स्टेशन से गोरखपुर के बीच 58, लखनऊ से बनारस के बीच नौ, लखनऊ से कानपुर आठ, फैजाबाद से जफराबाद 12, बाराबंकी से फैजाबाद आठ, रायबरेली से इलाहाबाद आठ व लखनऊ ऊंचाहार सात कॉशन हैं।
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ट्रेनें बढ़ीं...स्पीड घटती जा रही
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में 294 जोड़ी और पूर्वोत्तर में 280 जोड़ी ट्रेनें हैं। इसमें मेल-एक्सप्रेस, पैसेंजर के साथ ही मालगाड़ियां शामिल हैं। पर, ट्रेनों का दबाव बढ़ता गया लेकिन ट्रैक पर उतना फोकस नहीं किया गया। जिसका नतीजा ट्रेनों की बढ़ती लेटलतीफी के रूप में सामने आ रहा है।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में 294 जोड़ी और पूर्वोत्तर में 280 जोड़ी ट्रेनें हैं। इसमें मेल-एक्सप्रेस, पैसेंजर के साथ ही मालगाड़ियां शामिल हैं। पर, ट्रेनों का दबाव बढ़ता गया लेकिन ट्रैक पर उतना फोकस नहीं किया गया। जिसका नतीजा ट्रेनों की बढ़ती लेटलतीफी के रूप में सामने आ रहा है।