41,520 सिपाहियों की भर्ती को लेकर युवाओं का क्रेज सोमवार को सोशल मीडिया पर नजर आया। एक ओर जहां तरह-तरह के सवाल उछलते रहे वहीं कुछ लोग आरक्षण को लेकर भी मुखर नजर आए। उधर कई अभ्यर्थियों की यह समझ में नहीं आ रहा है कि पिछली वैकेंसी पर अभी फैसला नहीं आया और उम्र निकल जाने से इस बार अप्लाई नहीं कर सकते। ऐसे में उन्हें क्या करना चाहिए।
पुलिस में 41,520 भर्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त क्रेज, युवाओं ने उठाए कई बेहद अहम सवाल
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इन सवालों को जब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के सचिव वितुल कुमार के सामने रखा गया तो उनका कहना था कि सरकार ने काफी विचार करने के बाद नियमावली बनाई है। जनरल कोटे और पिछड़ा वर्ग में आयु की सीमा 18 से 22 साल है। अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और कुछ अन्य श्रेणियों के लिए इसमें छूट है। आयु की गणना निर्धारित नियमावली के अनुसार ही होगी।
35 हजार भर्तियों के लिए न्यायालय के फैसले का इंतजार
अभ्यर्थियों की नाराजगी यह भी है कि 2015 में जो भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी उस पर फैसला अब तक नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्णय सुरक्षित रखा है। भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि जब तक हाईकोर्ट निर्णय नहीं देता भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
मालूम हो कि 2015 में 23200 नागरिक पुलिस आरक्षी (पुरुष), 5800 नागरिक पुलिस आरक्षी (महिला), 5716 आरक्षी पीएसी के लिए वैकेंसी निकाली थी। इसमें मेरिट के आधार पर बिना परीक्षा दिए निर्धारित समय में दौड़ पूरी करने से सेलेक्शन होना था।
साढ़े तीन हजार अन्य भर्तियों पर भी लगा है ब्रेक
अलग-अगल कारणों से 3785 पदों पर भर्ती पर भी ब्रेक लगा हुआ है। कारागार विभाग में जेल वार्ड के 2311 पदों पर भर्ती होनी है। लेकिन संशोधित नियमावली न आने से भर्ती प्रक्रिया रूकी हुई है। इसी तरह रेडियो कर्मशाला के 114 कर्मचारियों की भर्ती, रेडियो सहायक परिचालक की 864 पदों पर भर्ती और रेडियो प्रधान परिचालक के 496 पदों पर भर्ती पर भी ब्रेक लगा हुआ है।
खबर पर इस तरह के रिएक्शन आए...
एज को लेकर उठ रहे हैं सवाल।