आम बजट-2018। कुछ चेहरों पर खुशी तो कुछ को मायूसी दे गया। वरिष्ठ नागरिकों के लिए जहां सेविंग खाते और एफडी से लेकर एलआईसी की पेंशन योजना तक में फायदा देने के लिए वित्तमंत्री का पिटारा खुला तो महिलाओं को भी ईपीएफ से लेकर मातृत्व अवकाश जैसी घोषणाओं ने अच्छे दिन का अहसास कराया। वहीं, आर्थिक सुधार के लिए बताए जा रहे बजट से सबसे अधिक मायूसी नौकरीपेशा वर्ग को मिली।
बजट 2018: कुछ को खुशी तो कुछ को मायूसी, जानें- व्यापारियों की क्या है प्रतिक्रिया
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कॉर्पोरेट को तवज्जो, व्यापारी को नकारा
बीस साल के इतिहास में इतना व्यापारी विरोधी बजट नहीं आया। आम बजट में कॉर्पोरेट को तवज्जो और व्यापारी को नकारा गया है। कपड़ा व्यापारियों पर पहली बार जीएसटी थोपा गया था। उम्मीद थी कि बजट में 250 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर कॉर्पोरेट को 10 फीसदी की छूट का प्रावधान किया गया, पर कपड़ा व्यापारी को एक करोड़ रुपये के टर्नओवर पर कोई छूट नहीं दी गई। जबकि सूरत के कपड़ा व्यापारियों को बजट में टैक्स का बोझ कम करने आश्वासन दिया गया था।
- उत्तम कपूर, संजय कपूर, रवींद्र गुप्ता, जितेंद्र चौहान
इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक सामान होंगे महंगे
नोट बंदी एवं जीएसटी की मार से बेहाल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिक व्यापारी पर केंद्र सरकार ने पांच फीसदी एक्साइज ड्यूटी का बोझ दे दिया है। अब इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिक सामान पांच फीसदी महंगे हो जाएंगे, जिससे कारोबार प्रभावित होगा। केंद्र सरकार यह सब विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में कर रही। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिक सामान पर अब एक्साइज ड्यूटी 20 फीसदी हो जाएगी, जिससे घरेलू उद्योग एवं व्यापार चौपट हो जाएंगे।
- सतपाल सिंह मीत, दीपक गुप्ता, सुरेश तेजवानी, वैभव गुप्ता, मनीष अरोड़ा
अब तो आशियाना बनाना हुआ सपना
चार महीने से लगातार लोहा एवं सीमेंट 20 फीसदी तक कीमत बढ़ रही है। व्यापारियों को बहुत उम्मीद थी कि आम बजट में लोहा एवं सीमेंट सस्ता होगा। वित्त मंत्री ने आम आदमी की जरूरत को नजर अंदाज किया है। अब तो जनता को आशियाना बनाना सपना हो जाएगा। आयकर में छूट देने के बजाय नये सेस से आयकर को बढ़ा दिया है। जीएसटी के रेट एवं प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं किया गया है। व्यापार जगत इस बजट से आहत है।
- सतीश अग्रवाल, देेवेंद्र गुप्ता, विशाल अग्रवाल, श्याम मूर्ति गुप्ता
केंद्रीय बजट में इस बार सराफा व्यापारियों के लिए कुछ खास नहीं है, लेकिन गोल्ड की नई स्कीम को लाया जा रहा जिसका सराफा व्यापारी स्वागत करेंगे। इस स्कीम के तहत बैंक में सोना रख करके गोल्ड ब्रांड लिया जा सकेगा। सोना पर आयात शुल्क की कटौती होती तो उसकी तस्करी पर अंकुश लगता, जिससे कारोबार बढ़ता। बजट में आयात शुल्क 10.3 फीसदी को बढ़ाकर 10.4 कर दिया गया, जिससे सोने एवं चांदी की कीमत पर आंशिक असर पड़ेगा।
- अजय अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, कन्हैया लाल वर्मा, आयुष