रवीश कुमार मंगलवार को लखनऊ में थे। यहां उन्होंने लोगों से काफी बातचीत की। उन्होंने कहा, वोट देना ही जनता का इकलौता लोकतांत्रिक कर्तव्य और अधिकार नहीं है। याद कीजिए पिछली बार आप किसी धरना या प्रदर्शन में कब शामिल हुए थे? यह भी लोकतांत्रिक दायित्वों में से एक है। इसका उपयोग करने से पीछे नहीं रहना चाहिए।
2 of 5
रवीश कुमार
- फोटो : amar ujala
लेकिन सरकार और कुछ मीडिया हाउस इन धरनों की कवरेज के बजाय, उनकी वजह से ट्रैफिक जाम को ज्यादा तवज्जो देते हैं। वरिष्ठ टीवी पत्रकार रवीश कुमार ने डॉ. अब्दुल कलाम मेमोरियल कार्यक्रम में यह बातें कहीं।
3 of 5
रवीश कुमार
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, इस समय लोगों को लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करने वालों से नफरत करना सिखाया जा रहा है। रवीश ने कहा, कुछ टीवी चैनल और मीडिया समूह हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा खड़ा करके जनता के बीच द्वेष फैला रहे हैं ताकि लोग असली मुद्दों पर सवाल न करें।
4 of 5
रवीश कुमार
- फोटो : amar ujala
ट्वीटर पर घटिया भाषा और गालियां देने के चलन पर रवीश ने कहा, यह दरअसल कुछ नेताओं द्वारा पैसे देकर फैलाया जा रहा उन्माद है। ये हाइटेक गुंडे हैं जिन्हें नए समय के हाइटेक बाहुबली नेताओं ने तैयार किया है।
5 of 5
रवीश कुमार
- फोटो : amar ujala
सड़क की गुंडई सोशल मीडिया पर पहुंच गई है। संवेदनशील व्यक्ति इस माहौल को चुपचाप नहीं सह सकता। वह प्रतिक्रिया जरूर देगा। टीवी चैनलों और अखबार में किसानों की खबरें न हों तो किसानों को इन्हें देखना-पढ़ना बंद कर देना चाहिए।