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विवेक हत्याकांड के ये 28 अनसुलझे सवाल, खाकी के दावों को कर रहे तार-तार

Thu, 11 Oct 2018 01:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 11 Oct 2018 01:08 PM IST
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questions on vivek tiwari murder case
विवेक तिवारी - फोटो : amar ujala
लखनऊ के गोमतीनगर में एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर न्यू हैदराबाद निवासी विवेक तिवारी की हत्या में खाकी की भूमिका सवालों में घिरी हुई है। गोमतीनगर थाने के सिपाही से लेकर आला अधिकारी तक इस जघन्य हत्याकांड में कठघरे में हैं। जिस तरह से वारदात के बाद से ही लखनऊ पुलिस के अधिकारी इस मामले में लीपापोती में जुट गए थे, उससे सवाल उठना लाजिमी भी है। यहां कुछ ऐसे सवाल उठाए जा रहे हैं जिन्हें पुलिस ने नजरअंदाज किया? कई सवाल ऐसे हैं जिससे पुलिस के इस हत्याकांड पर पर्दा डालने की कोशिश की पुष्टि भी हो रही है। पढ़िए एक नजर में----
questions on vivek tiwari murder case
विवेक तिवारी हत्याकांड
अनसुलझे सवाल---
- वारदात हुई तब विवेक की कार सड़क किनारे खड़ी थी या चल रही थी? पूर्व सहकर्मी ने एफआईआर में कार खड़ी होने की बात लिखी, लेकिन मीडिया को बयान कार धीरे-धीरे चलने का दिया।
- विवेक की कार के पास सिपाही किस दिशा से आए थे। सिपाहियों का कहना था कि वह पीछे से आए, लेकिन कार में मौजूद विवेक की पूर्व सहकर्मी ने बताया कि वे सामने से आए।
- विवेक और सिपाहियों के बीच ऐसी कौन सी बात हुई जिससे मामला इतना बिगड़ गया कि सिपाही प्रशांत चौधरी को अपनी पिस्टल निकालकर गोली चलानी पड़ी।
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विवेक तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
- गोली कितनी दूरी और ऊंचाई से चलाई गई। फायर करते वक्त सिपाही और विवेक की कार की पोजीशन क्या थी। पूर्व सहकर्मी ने कहा था कि कार के शीशे से सटाकर गोली मारी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आठ से नौ फुट की दूरी की बात कही गई थी।
- सिपाही ने गोली चलाने के पहले चेतावनी क्यों नहीं दी, जबकि यह उनके प्रशिक्षण का हिस्सा होता है। उसने सीधे विवेक को निशाना बनाकर फायर क्यों कर दिया। हत्या का इरादा नहीं था तो कार के टायर या दाएं-बाएं फायर क्यों नहीं किया।
- अगर विवेक ने सिपाहियों को तीन बार कार से कुलचने की कोशिश की तो बाइक क्यों नहीं टूटी और सिपाहियों को चोटें क्यों नहीं आई?
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विवेक तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

- मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल और क्षतिग्रस्त वाहनों की वीडियोग्राफी क्यों नहीं कराई। इससे विशेषज्ञ और जांच टीमें दोनों वाहनों की उस वक्त की स्थिति देख सकतीं।
- सिपाहियों का कहना था कि विवेक ने कार से कुचलने की कोशिश की तो पुलिस अधिकारियों ने तत्काल उनका मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया? आठ घंटे बाद सिपाहियों को अस्पताल क्यों भेजा।
- हत्याकांड की एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी विवेक की पूर्व सहकर्मी को पुलिस ने वारदात के बाद उसके ही घर पर नजरबंद क्यों रखा? उससे किसी को मिलने-जुलने और बातचीत करने की इजाजत क्यों नहीं दी गई।

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विवेक हत्याकांड - फोटो : amar ujala

- पूर्व सहकर्मी ने एफआईआर में लिखा गोली चलने जैसी आवाज सुनी। रीक्रिएशन में उसने बताया कि सिपाही ने सामने से गोली मारी। उसकी बातों में अंतर क्यों था? क्या कोई उस पर दबाव डाल रहा था। अगर हां तो क्यों।
- घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच और क्राइम सीन के रीक्रिएशन के लिए एसआईटी ने 36 घंटे का वक्त क्यों लगाया? क्या एसआईटी घटनास्थल से साक्ष्य मिटने का इंतजार कर रही थी?
- वारदात रात करीब दो बजे हुई थी जबकि रीक्रिएशन भरी दोपहरी कराया गया? क्या इससे पूरी घटना के बारे में आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता था।

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