मैया के गूंजते जयकारों और पूजन के लिए लंबी कतारों के बीच शारदीय नवरात्र के पहले दिन लखनऊ में बुधवार सेे दुर्गा मंदिरों में भक्त उमड़ने लगे। चौक के बड़ी काली जी मंदिर, छोटी काली जी मंदिर, संतोषी माता मंदिरों में नौ दिन थीम आधारित शृंगार होंगे। मां बाघंबरी पूर्वी देवी मंदिर, शास्त्रीनगर दुर्गा मंदिर में इस वर्ष भी नवरात्र पर रोजाना अलग-अलग वस्तुओं से सजावट होगी। शृंगार में फल, सब्जियों, खिलौनों, मेवों, मसालों का इस्तेमाल होगा।
नवरात्र: घर-घर हो रही शक्ति आराधना, जानें- क्या होगा राशियों पर असर
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17 को अष्टमी और 18 को महानवमी होगी। इस बार चित्रा नक्षत्र और वैधृत योग की मौजूदगी ने अभिजित मुहूर्त या भोर के वक्त कलश स्थापना को लेकर लोग पसोपेश में हैं। दोपहर 2:40 बजे तक वैधृत योग है। देवी भागवत के मुताबिक इस योग तक कलश स्थापना से बचना उत्तम रहता है। ऐसे में 2:40 बजे के बाद कलश स्थापना को उत्तम मुहूर्त रहेगा। लोग अभिजीत मुहूर्त को लेकर भी उत्साहित हैं।
18 को 2:30 बजे के बाद पारण करना श्रेयस्कर
आचार्य जितेन्द्र शास्त्री ने बताया कि अष्टमी और नवमी तिथि का संधि योग है। ऐसे में महाष्टमी और महानवमी का व्रत पूजन 17 अक्तूबर को करना श्रेयस्कर रहेगा। सुबह से 12:25 तक अष्टमी और 12:26 से नवमी रहेगी। 17 अक्तूबर को अष्टमी को व्रत रहने वाले दोपहर 12:26 के बाद हवन कर सकते हैं। नौ दिन का व्रत रहने वालों का पारण दशमी तिथि 18 अक्तूबर को दोपहर 2:30 के बाद हो सकेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. राकेश के मुताबिक नवरात्र का विभिन्न राशियों पर निम्न प्रभाव पडे़गा-
- मेष : कोई रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है।
- वृष : धन का अपव्यय होगा, स्वजनों से विवाद हो सकता है।
- मिथुन : स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा। मानसिक अशांति हो सकती है।
- कर्क : आकस्मिक हानि होने की संभावना है।
- सिंह : तीर्थाटन का योग है। लंबित कार्य पूरे हाेंगे।
- कन्या : मांगलिक कार्य होंगे।
- तुला : समय मंगलकारी है। घर पर मांगलिक कार्य पूरे हो सकते हैं।
- वृश्चिक : मित्रों से अकारण विवाद हो सकता है।
- धनु : सामाजिक प्रतिष्ठा मिल सकती है।
- मकर : उदर रोग की संभावना बन रही है।
- कुंभ : अर्थ का अपव्यय हो सकता है।
- मीन : मानसिक चिंता हो सकती है।