फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अमर उजाला में जुटे स्कूल के प्रिंसिपल, 'अपराजिता' को बताया बेहद जरूरी कदम... तस्वीरें

Mon, 10 Dec 2018 03:13 PM IST
kapil sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: kapil sharma Updated Mon, 10 Dec 2018 03:13 PM IST
विज्ञापन
principal of schools share how they raise girl students.
- फोटो : amar ujala

अमर उजाला के महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम 'अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स' के तहत 'बेटियों के हक में माहौल बनाना है तो स्कूल को आगे आना होगा' विषय पर आयोजित चर्चा में भाग लेने के लिए लखनऊ के 18 स्कूलों के प्रिंसिपल अमर उजाला कार्यालय में जुटे।



यहां उन्होंने गर्ल्स स्टूडेंट्स की शिक्षा और विकास के लिए किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स को बेहद जरूरी कदम बताया और बेटियों के लिए अपने स्कूलों में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की।

principal of schools share how they raise girl students.
- फोटो : amar ujala

एक प्रधानाध्यापिका ने बताया कि हमारे पास 3000 बच्चे हैं। जिनमें से करीब 1500 बेटियों हैं। इनके शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक विकास के लिए हम अलग-अलग कार्यक्रम अपनाते हैं। गर्ल्स की सीनियर व जूनियर विंग के लिए एनसीसी है। इसके कार्यक्रमों में शामिल होने पर उनमें अनुशासित रहने की भावना आती है। हम बच्चों पर चीजें थोपते नहीं बल्कि उन्हें उनके अच्छे बुरे परिणाम के बारे में बताते हैं।

principal of schools share how they raise girl students.
- फोटो : amar ujala

प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह सरकार के साथ भी सहयोग करते हैं। जैसे मीजल्स-रुबेला टीकाकरण करवाने को कहा गया तो हमने करवाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
principal of schools share how they raise girl students.
- फोटो : amar ujala

उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए अभिभावकों का साथ मिलना भी बेहद जरूरी है। इसलिए हम समय-समय पर उनकी रिपोर्ट उनके पैरेंट्स को भेजते रहते हैं।

विज्ञापन
principal of schools share how they raise girl students.
- फोटो : amar ujala

प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चों के लिए मोटिवेशन बहुत जरूरी है। इसके लिए हम प्रार्थना के दौरान असेंबली में एक सेशन रखते हैं। कई बार बच्चे अपनी बात शिक्षक से नहीं कह पाते तो वह हमारे (प्रधानाध्यापक) पास सीधे आते हैं और हम उनकी बात सुनते हैं।


 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed