अमर उजाला के महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम 'अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स' के तहत 'बेटियों के हक में माहौल बनाना है तो स्कूल को आगे आना होगा' विषय पर आयोजित चर्चा में भाग लेने के लिए लखनऊ के 18 स्कूलों के प्रिंसिपल अमर उजाला कार्यालय में जुटे।
यहां उन्होंने गर्ल्स स्टूडेंट्स की शिक्षा और विकास के लिए किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स को बेहद जरूरी कदम बताया और बेटियों के लिए अपने स्कूलों में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की।
एक प्रधानाध्यापिका ने बताया कि हमारे पास 3000 बच्चे हैं। जिनमें से करीब 1500 बेटियों हैं। इनके शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक विकास के लिए हम अलग-अलग कार्यक्रम अपनाते हैं। गर्ल्स की सीनियर व जूनियर विंग के लिए एनसीसी है। इसके कार्यक्रमों में शामिल होने पर उनमें अनुशासित रहने की भावना आती है। हम बच्चों पर चीजें थोपते नहीं बल्कि उन्हें उनके अच्छे बुरे परिणाम के बारे में बताते हैं।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह सरकार के साथ भी सहयोग करते हैं। जैसे मीजल्स-रुबेला टीकाकरण करवाने को कहा गया तो हमने करवाया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए अभिभावकों का साथ मिलना भी बेहद जरूरी है। इसलिए हम समय-समय पर उनकी रिपोर्ट उनके पैरेंट्स को भेजते रहते हैं।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चों के लिए मोटिवेशन बहुत जरूरी है। इसके लिए हम प्रार्थना के दौरान असेंबली में एक सेशन रखते हैं। कई बार बच्चे अपनी बात शिक्षक से नहीं कह पाते तो वह हमारे (प्रधानाध्यापक) पास सीधे आते हैं और हम उनकी बात सुनते हैं।