पीलीभीत फर्जी एनकाउंटर में दोषी पुलिसकर्मी उम्रकैद की सजा और जुर्माना सुनाए जाने पर उग्र हो गए। उन्होंने अदालत पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कोर्ट रूम में हंगामा शुरू कर दिया। परिवारीजन और परिचित भी उनके साथ आ गए।
करीब चार घंटे तक दोषी पुलिसकर्मियों और उनके परिवारीजनों ने कोर्ट रूम से गैलरी तक हंगामा किया। कोर्ट रूम की खिड़की तोड़ दी। कठघरे में लात मारी। अदालत के खिलाफ नारे लगाते हुए गैलरी में ही धरने पर बैठ गए।
इस दौरान वजीरगंज पुलिस खड़ी होकर तमाशा देखती रही। पानी सिर से गुजर गया तो न्यायाधीश को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए एसएसपी राजेश कुमार पांडेय को मौके पर बुलवाया। आननफानन एसएसपी बहुखंडी की आठवीं मंजिल स्थित सीबीआई कोर्ट पहुंचे और दोषी पुलिसकर्मियों को जेल ले जाने के आदेश दिए।
शाम करीब साढ़े चार बजे सीबीआई कोर्ट से सजा और जुर्माना सुनाए जाने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि अदालत के सजा सुनाने से पहले ही मीडिया में खबरें चलने लगी थीं।
परिवारीजनों ने अदालत पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए फैसले की प्रति तत्काल देने की मांग की। हालांकि, शाम करीब छह बजे तक फैसले की प्रति पर न्यायाधीश के हस्ताक्षर नहीं हुए थे। उधर, विलंब होने पर दोषी पुलिसकर्मी अराजकता करने लगे। उनके परिवारीजन भी कोर्ट रूम आ गए।