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नगराम हादसा: गम और गुस्से से भरे लोगों पर पुलिस ने तानी एके 47, लाठियां फटकार खदेड़ा, तस्वीरें

Fri, 21 Jun 2019 03:27 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 21 Jun 2019 03:27 PM IST
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Police use force on villagers who were angry after nagram accident.
- फोटो : amar ujala

राजधानी लखनऊ के नगराम में इंदिरा नहर में पिकअप गिरने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल पर जुट गए। तीन बच्चों के शव निकाले जा चुके थे। चारों तरफ कोहराम मचा था। समय बीतता गया और चार अन्य बच्चों का कुछ पता नहीं लगा तो परिवारीजनों व मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया। भीड़ के बीच पहुंचे एसडीएम मोहनलालगंज सूर्यकांत त्रिपाठी को उन्होंने घेर लिया और प्रशासन विरोधी नारेबाजी करने लगे।

Police use force on villagers who were angry after nagram accident.
- फोटो : amar ujala

गम और गुस्से भरे लोगों को ढांढ़स बंधाने के बजाय पुलिसकर्मियों ने उन पर सरकारी एके 47 तान दी और लाठियां फटकार उन्हें खदेड़ दिया। यहां तक कि एसडीएम भी आपा खो बैठे और एक ग्रामीण को कई थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद ग्रामीण को पुलिस की जीप में लादकर थाने ले गए। एसओ नगराम रमेश चंद्र के मुताबिक, मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।

Police use force on villagers who were angry after nagram accident.
- फोटो : amar ujala

गुस्सा लोग बोले- नहर बंद करने में लगाया समय, बचाव कार्य देर से हुआ शुरू
दरअसल गुस्साए ग्रामीण तत्काल नहर बंद करने की मांग कर रहे थे, क्योंकि बचाव कार्य तेज बहाव के चलते प्रभावित हो रहा था। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि एक्शन लेने के बजाय प्रशासनिक अधिकारी उन्हें सिर्फ और सिर्फ आश्वासन दे रहे थे। समय बीतता चला जा रहा था। काफी देर बाद नहर बंद की गई और फिर तीन घंटे बाद पानी कम हुआ तो बचाव कार्य शुरू हुआ।

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Police use force on villagers who were angry after nagram accident.
- फोटो : amar ujala

साड़ी फेंक सुहाग बचाया, बेटा गंवाया
हादसे के वक्त आशा देवी पति आशाराम व दो बेटों के साथ पिकअप में थी। वह किसी तरह नहर से बाहर निकली, लेकिन आशाराम व एक बेटा साजन उर्फ गुंजन डूबने लगा। यह देख आशादेवी ने अपनी साड़ी फेंकी, जिसे पकड़कर पति तो बाहर आ गया, लेकिन साजन बह गया। आशा देवी को मलाल रह गया कि उसने सुहाग तो बचा लिया, लेकिन गोद सूनी हो गई। हालांकि, इस सदमे के बाद भी दंपती साथियों को बचाने में जुटा रहा।

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Police use force on villagers who were angry after nagram accident.
- फोटो : amar ujala

पीड़ित परिवारीजनों को मिलेगी मदद
नगराम में हादसे का शिकार बने बच्चों के परिवारीजनों को जिला प्रशासन मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद दिलवाने की कोशिश करेगा। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि पीड़ितों को आर्थिक मदद मुहैया कराने की संस्तुति भी शासन को की गई है।

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