हैदराबाद में महिला चिकित्सक की दुराचार के बाद हत्या के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुलिस की भिड़ंत हो गई। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने जा रहीं महिलाओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया।
हैदराबाद गैंगरेप कांड के विरोध में सड़क पर उतरीं प्रदर्शनकारियों से पुलिस ने की अभद्रता, जड़े थप्पड़
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हैदराबाद की घटना के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस की अभद्रता के बाद बुधवार शाम राजधानी में भी कुछ ऐसी ही घटना हुई। रेड ब्रिगेड संस्था की सदस्यों ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर रात गुजारने का आवाहन किया था।
इसी के तहत शाम करीब पांच बजे काफी संख्या में महिलाएं और युवतियां 1090 चौराहे पर एकत्र हुईं। यहां से संगठन की अध्यक्ष ऊषा विश्वकर्मा की अगुवाई में लक्ष्मी, पूजा भारती, कविता भारती, स्निग्धा, मानसी, रीता सिंह, डॉ. ज्ञानवती वर्मा, भारती द्विवेदी सहित तमाम प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच कर दिया।
कुछ दूर जाने पर महिलाओं को पुलिस ने जियामऊ पेट्रोल पंप के पास रोक लिया। इस पर ऊषा विश्वकर्मा ने कहा कि देश व प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा देने में सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। अब महिलाएं अपने वाहन तक से जाने में भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं।
उन्होंने कहा कि शहर के तमाम इलाकों में पुलिस की गश्त तक नहीं होती है। शहर में सबसे सुरक्षित जगह अब मुख्यमंत्री आवास ही रह गया है जहां पर 24 घंटे सुरक्षा रहती है। उन्होंने कहा कि हम वहीं पर जाकर रात गुजारेंगे ताकि खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास जाने की कोशिश की तो महिला पुलिस अधिकारी ने प्रदर्शन में शामिल मानसी को बाल पकड़ कर कई थप्पड़ जड़ दिये। इसके बाद महिलाएं आक्रोशित हो गई और पुलिस व महिलाओं के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई।
महिलाओं ने सड़क पर भागना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें दोबारा जियामऊ ढाल कैंसर अस्पताल के पास रोक लिया। इस अफरातफरी का फायदा उठाकर लक्ष्मी, काजल और कविता सीएम आवास पहुंच गईं और धरना शुरू कर दिया।
इधर महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम संतोष कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को हाईकोर्ट का हवाला देकर धरना ईको गार्डेन में करने के लिए समझाया।
महिलाएं मुख्यमंत्री आवास पर रात गुजारने पर अड़ी रहीं। इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस के बीच धक्कामुक्की होती रही। करीब तीन घंटे से ज्यादा समय तक धीगामुश्ती के बाद पुलिस ने महिलाओं को बस व जीप में लादकर हिरासत में ले लिया।