अयोध्या का कण-कण राममय हो गया है जैसे रामनगरी त्रेतायुग में जीने लगी है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर राममंदिर की कल्पना पूर्व में अकल्पनीय हो गई थी लेकिन समय ने करवट ली और वह सौभाग्यशाली पल आ गया है। अपने आराध्य रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के शुभारंभ को लेकर अयोध्या तैयार हो रही है। धर्म और अध्यात्म के रंगों से अयोध्या को सजाया गया है।
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अयोध्या मंदिर
- फोटो : amar ujala
भूमि पूजन को लेकर अयोध्या को सजाने में उसकी गरिमा के अनुकूल वैदिक विधि विधान का प्रयोग किया जा रहा है। शुभता के प्रतीक पीले रंग से रामनगरी चमक रही है। रामकथा के प्रसंग,12 तोरण द्वार, भगवा पताका, कलश सहित पुष्पों से अयोध्या सुसज्जित की गई है। इसके साथ ही रामनगरी के सभी प्रमुख स्थलों, मठ-मंदिरों पर भव्य लाइटिंग भी की जा रही है, जो शाम होते ही अयोध्या की धार्मिक आभा को प्रकट करने लगती है।
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श्री राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
250 स्थानों पर हो रहा रामकथा के प्रसंगों का चित्रांकन
रामनगरी के दो किलोमीटर तक के क्षेत्र को राममय बनाने में पूरा प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। उदया चौराहे से लेकर नयाघाट तक 250 स्थानों पर राम के जीवन प्रसंगों को उतारा जा रहा है।
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अयोध्या राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
कहीं श्रीरामसीता के चित्र, कहीं रामदरबार, हनुमान जी की विशाल अनुकृति सहित महाराजा दशरथ की वंशावली का चित्रांकन कर त्रेतायुग को जीवंत करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त हरियाली की थीम पर चित्रांकन कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया जा रहा है।
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राम जन्मभूमि
- फोटो : amar ujala
शुभता के प्रतीक के रूप में लगेंगे 5100 कलश
5 अगस्त को भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास समारोह को दिव्य आभा प्रदान करने के उद्देश्य से अयोध्या महोत्सव न्यास ने 5100 मिट्टी के कलश को कलात्मक ढंग से सुसज्जित किया है।