{"_id":"5b3f17a44f1c1b54238b4c7e","slug":"passenger-is-preparing-to-take-action-against-railway-in-pnr-matter","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यात्री ने रेलवे के खिलाफ की कार्रवाई की तैयारी, बोला- उपभोक्ता फोरम में घसीटूंगा, जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्री ने रेलवे के खिलाफ की कार्रवाई की तैयारी, बोला- उपभोक्ता फोरम में घसीटूंगा, जानें पूरा मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:05 AM IST
विज्ञापन
टिकट
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यात्री के टिकट पर गलत ट्रेन का पीएनआर देना रेलवे को भारी पड़ गया। यात्री ने मामले को उपभोक्ता फोरम ले जाने की तैयारी की है। इससे रेलवे प्रशासन सकते में है। बड़ी कार्रवाई की आशंका में रेलवे अफसर यात्री की मान मनव्वल में जुट गए हैं। साथ ही रेलवे ने क्रिस को सॉफ्टवेयर की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि रेलवे पहले ही गलती मानते हुए यात्री को दूसरा पीएनआर दे चुका है।
टिकट
- फोटो : amarujala
मामला बीते रविवार का है। यात्री दिव्यांशु शुभम ने एजेंट के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट से दो जुलाई के लिए 12309 राजेंद्रनगर दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में सेकेंड एसी का टिकट बुक कराया था। उसे पटना से नई दिल्ली जाने के लिए सेकेंड एसी बोगी ए-3 में 30 नंबर सीट भी एलॉट हो गई थी। लेकिन टिकट का प्रिंटआउट चेक किया तो उस पर पीएनआर 6716623126 था। यह पीएनआर भुवनेश्वर से सिकंदराबाद के बीच चलने वाली विशाखा एक्सप्रेस(17015) का था। इसकी शिकायत दिव्यांशु ने रेलमंत्री पीयूष गोयल से की थी।
डेमो
- फोटो : डेमो
मंत्रालय ने क्रिस को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि जिस ट्रेन का टिकट बनवाया गया है, उसमें पीएनआर विशाखा एक्सप्रेस का था। इसके बाद दानापुर मंडल के डीआरएम ने गलती मानते हुए दिव्यांशु को दूसरा पीएनआर 6716623484 दिया, जिस पर उसने यात्रा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमो
मामले को अमर उजाला ने बीते सोमवार के संस्करण में ‘राजधानी का टिकट बुक कराया, विशाखा का मिला पीएनआर’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान रेलवे बोर्ड ने लिया और क्रिस को गड़बड़ी की वजह तलाशने को कहा है, ताकि आगे किसी यात्री को इस समस्या का सामना न करना पड़े। बता दें कि रोजाना दस लाख से अधिक लोग ऑनलाइन टिकट बुक कराते हैं।
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
पहले भी हुईं हैं गलतियां
आईआरसीटीसी के जिस एजेंट से दिव्यांशु ने टिकट बनवाया था, उसने बताया कि सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी की शिकायतें पहले भी आ चुकी हैं। कहीं पीएनआर गलत आ रहा है तो कहीं पर ट्रेन संख्या गलत प्रिंट हो रही है। कई बार मामला उठाया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पीड़ित यात्री दिव्यांशु ने कहा कि रेलवे की गड़बड़ी से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ा। वह मामले को उपभोक्ता फोरम तक ले जाएंगे। वहीं सूत्रों की मानें तो रेलवे अधिकारी मामले को फोरम के बाहर ही निपटाने में जुटे हैं। दिव्यांशु के मुताबिक दिल्ली के कई आला रेलवे अधिकारी उन्हें फोन कर खेद जता चुके हैं।
आईआरसीटीसी के जिस एजेंट से दिव्यांशु ने टिकट बनवाया था, उसने बताया कि सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी की शिकायतें पहले भी आ चुकी हैं। कहीं पीएनआर गलत आ रहा है तो कहीं पर ट्रेन संख्या गलत प्रिंट हो रही है। कई बार मामला उठाया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पीड़ित यात्री दिव्यांशु ने कहा कि रेलवे की गड़बड़ी से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ा। वह मामले को उपभोक्ता फोरम तक ले जाएंगे। वहीं सूत्रों की मानें तो रेलवे अधिकारी मामले को फोरम के बाहर ही निपटाने में जुटे हैं। दिव्यांशु के मुताबिक दिल्ली के कई आला रेलवे अधिकारी उन्हें फोन कर खेद जता चुके हैं।