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Lucknow News: शहर के साथ ही 50 गांवों की 60 हजार आबादी को बाढ़ से राहत देगा तटबंध
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बाढ़ से बढ़ी परेशानी।
लखनऊ। गोमती पर बनने वाला तटबंध शहरी आबादी के साथ ही 50 गांवों की 60 हजार आबादी को भी राहत देगा। यह तटबंध फैजुल्लागंज से शुरू होकर नैमिषारण्य तक बनेगा। इससे बाढ़ से राहत मिलने के साथ ही बेहतर आवागमन और खेती को भी फायदा होगा।
फैजुल्लागंज में इस समय करीब 10 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां घरों में पानी भर चुका है और लोग दूसरी जगहों पर रहने के लिए मजबूर हो चुके हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक नदी किनारे 115 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने की घोषणा की है। यह तटबंध लखनऊ की शहरी सीमा के 11, काकोरी के सात, बीकेटी के 18 और माल के 14 गांवों को गोमती की बाढ़ से बचाएगा। यह तटबंध ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा। इसलिए इस पर आवागमन में भी आसानी होगी।
सीतापुर रोड से नदी के किनारे 1000 हेक्टेयर वन क्षेत्र होगा विकसित
कोलवा सर्किल के लेखपाल पारसनाथ वर्मा ने बताया कि गोमती नदी के किनारे काकोरी के बंशीगढ़ी से माल के मंझौवा तक वन क्षेत्र फैला है, जो प्रस्तावित तटबंध से जुड़ जाएगा। इससे यह क्षेत्र शहर के लिए ग्रीन फील्ड और ऑक्सीजन लाइन के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। ग्राम प्रधानों का आंकलन है कि इस वन क्षेत्र का दायरा करीब 1000 हेक्टेयर है।
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इन गांवों को होगा लाभ
माल के गांव- तेहतना, कोलवा, रामघाट, गनेशपुरवा, खजहापुरवा, भेलियापुरवा, टिकरी, मंझी, निकरोजपुर, बसहरी, बहलौरा, अटरिया और बदइयां।
काकोरी- गोपरामऊ, रनियामऊ, बंशीगढ़ी, काकराबाद, सैथा, मौरा और तुलसीखेड़ा।
बीकेटी- खाले का पुरवा, सारुरा, राजपुरवा, शोभेला, दुगवारी, वीरमपुरवा, लोधमऊ, लोधमऊ पूर्वता, अस्तल, चंदनकुंड, मल्लाहन खेड़ा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर, लासा, अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला,दुघरा, जमखनवा।
लालजी टंडन वार्ड- सैथा, दौलत खेडा, मुन्ना खेडा, सुखलाल, जेहटा, गुलमी खेडा, टाड खेड़ा, पीरनगर, हयात नगर न्यू काॅलोनी, बरावन कलां, मंसूर नगर।
Iमुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार तटबंध बनने की प्रक्रिया शुरू होगी। नदी के बाईं ओर बनने वाला यह तटबंध 115 किलोमीटर लंबा होगा। इससे पहले पहले आर्थिक और तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। I
I- मुकेश कुमार, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभागI
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फैजुल्लागंज में इस समय करीब 10 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां घरों में पानी भर चुका है और लोग दूसरी जगहों पर रहने के लिए मजबूर हो चुके हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक नदी किनारे 115 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने की घोषणा की है। यह तटबंध लखनऊ की शहरी सीमा के 11, काकोरी के सात, बीकेटी के 18 और माल के 14 गांवों को गोमती की बाढ़ से बचाएगा। यह तटबंध ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा। इसलिए इस पर आवागमन में भी आसानी होगी।
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सीतापुर रोड से नदी के किनारे 1000 हेक्टेयर वन क्षेत्र होगा विकसित
कोलवा सर्किल के लेखपाल पारसनाथ वर्मा ने बताया कि गोमती नदी के किनारे काकोरी के बंशीगढ़ी से माल के मंझौवा तक वन क्षेत्र फैला है, जो प्रस्तावित तटबंध से जुड़ जाएगा। इससे यह क्षेत्र शहर के लिए ग्रीन फील्ड और ऑक्सीजन लाइन के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। ग्राम प्रधानों का आंकलन है कि इस वन क्षेत्र का दायरा करीब 1000 हेक्टेयर है।
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इन गांवों को होगा लाभ
माल के गांव- तेहतना, कोलवा, रामघाट, गनेशपुरवा, खजहापुरवा, भेलियापुरवा, टिकरी, मंझी, निकरोजपुर, बसहरी, बहलौरा, अटरिया और बदइयां।
काकोरी- गोपरामऊ, रनियामऊ, बंशीगढ़ी, काकराबाद, सैथा, मौरा और तुलसीखेड़ा।
बीकेटी- खाले का पुरवा, सारुरा, राजपुरवा, शोभेला, दुगवारी, वीरमपुरवा, लोधमऊ, लोधमऊ पूर्वता, अस्तल, चंदनकुंड, मल्लाहन खेड़ा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर, लासा, अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला,दुघरा, जमखनवा।
लालजी टंडन वार्ड- सैथा, दौलत खेडा, मुन्ना खेडा, सुखलाल, जेहटा, गुलमी खेडा, टाड खेड़ा, पीरनगर, हयात नगर न्यू काॅलोनी, बरावन कलां, मंसूर नगर।
Iमुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार तटबंध बनने की प्रक्रिया शुरू होगी। नदी के बाईं ओर बनने वाला यह तटबंध 115 किलोमीटर लंबा होगा। इससे पहले पहले आर्थिक और तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। I
I- मुकेश कुमार, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभागI

बाढ़ से बढ़ी परेशानी।

बाढ़ से बढ़ी परेशानी।

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बाढ़ से बढ़ी परेशानी।