लखनऊ के ठाकुरगंज थानाक्षेत्र स्थित एरा मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग के छात्र सुधीर पाल (23) ने बृहस्पतिवार सुबह छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। वह ट्रांसपोर्टर पिता व पीजीआई में नर्स मां का इकलौता बेटा था। छात्र की खुदकुशी से कॉलेज में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने पुलिस को फोन करने के साथ तहकीकात की। पता चला कि छात्र पहला पीरियड खत्म होने के बाद खिड़की खोलकर बालकनी में पहुंचा और छलांग लगा दी। सहपाठी व शिक्षकों ने उसे गुमसुम बताया। कॉलेज प्रबंधन ने पांच सदस्यीय टीम गठित करके जांच शुरू कराई। पुलिस भी खुदकुशी की वजह का पता लगाने में जुटी है। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताकर पुलिस से जांच की मांग की है।
कॉलेज की छठी मंजिल से कूद नर्सिंग स्टूडेंट ने दी जान, परिवारीजनों ने जताई हत्या की आशंका
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क्षेत्राधिकारी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पीजीआई थाने के हैवतमऊ मवैया स्थित दुर्गापुरी निवासी सुधीर पाल एरा मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह रोजाना की तरह बृहस्पतिवार सुबह हॉस्टल से कॉलेज पहुंचा, लेकिन छठी मंजिल स्थित कक्षा में पीछे बैठा था। पहला पीरियड खत्म हुआ और कक्षा में बैठे छात्र दूसरा पीरियड शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। इस बीच सुबह करीब 10:05 बजे सुधीर खिड़की खोलकर बालकनी में गया और छलांग लगा दी। प्रबंधन ने पुलिस को सूचना देने के एंबुलेंस चालक पंचानन की मदद से उसे ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। माता-पिता व परिवार के अन्य लोग पहुंचे। रायबरेली के बछरावां थाने के हसनगंज के मूल निवासी सुधीर की मां प्रेमा देवी पीजीआई में स्टाफ नर्स और पिता धर्मेंद्र पाल ट्रांसपोर्टर हैं।
ठाकुरगंज के प्रभारी निरीक्षक दीनानाथ मिश्रा की टीम ने मौके पर छानबीन की। सुधीर का मोबाइल फोन टूटा पड़ा था। कोई सुसाइड नोट न मिलने पर कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों व सहपाठियों से पूछताछ की गई। क्लास टीचर रीना भुआल ने बताया कि कक्षा में 55 बच्चे हैं। सुधीर रोजाना आगे बैठता था। वह कुछ दिनों से गुमसुम था और पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। उसने अपनी फाइलें नहीं की थीं, लेकिन परेशानी नहीं बताई थी। वैसे पढ़ाई में ठीक था। उसकी क्लास सुबह नौ से शाम पांच बजे तक चलती थीं।
एरा मेडिकल कॉलेज के निदेशक अब्बास मेंहदी ने डीन मस्तान सिंह के नेतृत्व में क्लास टीचर रीना भुआल, शिक्षक पीके शर्मा, कुमकुम श्रीवास्तव, दिलशाद रिजवी की टीम गठित करके जांच के आदेश दिए हैं। टीम को तीन दिन में जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
डॉक्टर बनना चाहता था छात्र
पिता धमेंद्र पाल ने बताया कि बेटा डॉक्टर बनना चाहता था बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करने से पहले उसने सीपीएमटी की दो साल तक कोचिंग की थी। पिता का कहना है कि बुधवार रात ही फोन पर मां से बात की थी, लेकिन किसी तरह का कोई दबाव या परेशानी की बात सामने नहीं आई।
इकलौते बेटे के शव के पास बिलख रही मां प्रेमा देवी ने बताया कि बड़ी मन्नतों के बाद जून 1996 में सुधीर का जन्म हुआ था। वह पढ़ाई में अच्छा था। किसी से झगड़ा या अन्य परेशानी नहीं थी। ऐसे में खुदकुशी करना गले नहीं उतर रहा है। पिता धर्मेंद्र पाल ने प्रभारी निरीक्षक से गहन छानबीन करके सच सामने लाने को कहा। बोले कि इकलौते बेटे की मौत का राज जानना चाहते हैं। उसके पीछे किसी का हाथ है तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज व सुधीर के मोबाइल का कॉल डिटेल दिखाने की मांग की।
तह तक जाएगी पुलिस
क्षेत्राधिकारी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि सुधीर के मोबाइल का कॉल डिटेल मंगाया गया है। इसके साथ कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र कराए जा रहे हैं। हॉस्टल में उसके कमरे और कापी-किताबों की गहन छानबीन की जाएगी।