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आप भी तैराकी का प्रशिक्षण लेना चाहते हैं तो एक नजर डालें इस खबर पर, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Mon, 25 Jun 2018 03:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 25 Jun 2018 03:05 PM IST
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most of the swimming pools are running without license in lucknow
स्वीमिंग पूल - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में  कॉल्विन ताल्लुकेदार्स कॉलेज के स्वीमिंग पूल में एक युवा की जान जाने से एक बार फिर यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या प्राइवेट पूल के मालिक मानकों को ताक पर रखकर ट्रेनिंग देते हैं। जवाब हां में है, क्योंकि अधिकतर पूल में सुविधाओं का आकलन करें तो महज एक तिहाई पूल ही निर्धारित मानकों को ध्यान में रखकर अपना पूल संचालित कर रहे है।


एक मोटे अनुमान के तहत शहर में इस वक्त तकरीबन 30 स्वीमिंग पूल संचालित हो रहे हैं। ग्रीष्म अवकाश में स्वीमिंग पूल में सीखने वालों की संख्या बढ़ जाती है और ऐसे में पूल मालिक मनमानी वसूली करते हुए नियम को ताक पर रखकर ट्रेनिंग देना शुरू कर देते है।

सबसे बड़ी बात कि किसी भी स्वीमिंग पूल के पास इनके संचालन के लिए कोई लाइसेंस नहीं है। कुछ एक पूल को छोड़ दिया जाए तो लाइफ सेवर (जीवन रक्षक) जैसी महत्वपूर्ण पद पर ट्रेंड तैराक होने की बजाए राष्ट्रीय स्तर के तैराकों से संचालन कराया जा रहा है। दरअसल, तैराना एक अलग कला है, जबकि डूब रहे तैराक को बचाना दूसरी। बावजूद इसके तमाम स्वीमिंग पूल में राष्ट्रीय स्तर के तैराक को रखकर पूल का संचालन किया जा रहा है।

जानें, क्या कहते हैं एक्सपर्ट

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सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण - फोटो : amarujala
पहले हुई दुर्घटनाएं
- केडी सिंह बाबू स्टेडियम में 1997 में एक बच्ची कनुप्रिया की डूबने से मौत हो गई। 
- 2004 में स्वीमिंग पूल नें एक नन्हें तैराक की जिंदगी ली।
- गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में बने स्वीमिंग पूल में एक क्रिकेटर की डूबने से मौत हो गई।

पुख्ता सुरक्षा नहीं तो जान जाने का डर ज्यादा
किसी भी खेल में जुड़ने से पहले सुरक्षा सबसे जरूरी है। अन्य खेलों की तुलना में स्वीमिंग में इस बात का ज्यादा ख्याल रखा जाना चाहिए, क्योंकि यहां पुख्ता सुरक्षा न होने से खिलाड़ी अपनी जान तक गंवा सकता है। मेरे विचार से कहीं भी स्वीमिंग पूल खोलने से पहले वहां के मालिक को खेल विभाग को अवगत कराना चाहिए, ताकि वहां मानकों की जांच हो सके। इस कड़ी में स्वीमिंग एसोसिएशन से भी मदद ली जा सकती है, तो मानकों वाले पूल को तैयार करने में हरसंभव मदद दे सकता है। - रवीन कपूर  महासचिव (यूपी स्वीमिंग एसोसिएशन)

प्रशिक्षित जीवन रक्षक भी जरूरी
जरूरी नहीं कि एक अच्छा तैराक किसी डूबते हुए को बचा ले। डूबते हुए को बचाने के लिए बेहद अनुभवी और प्रशिक्षित जीवन रक्षक की जरूरत होती है। यही नहीं स्विमिंग पूल पर जीवन रक्षा के लिए उपकरणों का होना भी जरूरी है। हवा से भरे रबर ट्यूब, लंबा बांस व रस्सी रहनी चाहिए। प्रशिक्षित जीवन रक्षक का भी होना जरूरी है।
सुधीर शर्मा (पूर्व अंतरराष्ट्रीय तैराक एवं कोच)

ये हैं, सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण

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सुरक्षा के लिए उपकरण - फोटो : amarujala
सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण
1. 25 मीटर पूल में दो और 50 मीटर पूल में चार लाइफ गार्ड होने चाहिए
2. 25 मीटर पूल में एक कोच और 50 मीटर पूल में दो कोच होने चाहिए
3. ड्यूटी के दौरान लाइफ गार्ड के पास एक ऊंची कुर्सी हो, जिससे वह पूल पर नजर रख सके

4. पूल का पानी साफ होना चाहिए और फिल्टरेशन प्लांट दुरुस्त
5. प्राथमिक उपचार किट होनी जरूरी
6. स्वीमिंग पूल में लंबी रस्सी बांस और ट्यूब आवश्यक रूप से होने चाहिए
7. 12 साल से कम उम्र के बच्चों सीखने वाले पूल की गहराई अधिकतम तीन और इससे अधिक उम्र वालों के लिए साढ़े चार से पांच फिट होनी चाहिए
 
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कॉल्विन के पुल पर नहीं है कोई लाइफ गार्ड

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स्वीमिंग पूल - फोटो : amarujala
सीखने वाले भी रहें सतर्क
चिकित्सा जांच में फिट होना चाहिए
यदि तैराकी सीखनी है तो गहराई से दूर रहें, हो सके तो मिनी पूल में जाएं
पूल में तभी उतरें जब ट्रेनर या जीवन रक्षक मौजूद हो
पूल की गहराई जान लें तभी उसमें छलांग लगाएं
अति आत्मविश्वास से बचकर तैराकी करनी चाहिए

नियमों की बात करें तो किसी भी प्राइवेट स्वीमिंग पुल में लाइफ गार्ड (एनआईएस प्रमाणपत्र समेत) होना अनिवार्य है। साथ ही पूल की गहराई दो फिट से शुरू होकर अधिकतम साढे चार से पांच फीट होनी चाहिए। जहां तक कॉल्विन कॉलेज के पूल का सवाल है तो यहां के संचालक प्रवीण सोनकर तैराक है और वहीं लाइफ गार्ड की भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा मिर्जापुर से दो से तीन  राष्ट्रीय स्तर के तैराक भी यहां प्रवीण के साथ खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो पुल में किसी लाइफ गार्ड की नियुक्ति नहीं है। गहराई की बात करें तो पूल की गहराई चार फीट से शुरू होकर 12 फुट तक है, दो किसी भी नजर से मानकों के विपरीत है।
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