प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता ओमपुरी तीन महीने पहले तक लखनऊ में शूटिंग कर रहे थे। कभी सफेद बारादरी, कभी शनि मंदिर, कभी गोमती नगर। वे करीब एक महीने से यहीं थे। यह ‘कबाड़ी’ फिल्म है, जिसे उनकी पत्नी सीमा कपूर निर्देशित कर रही हैं और निर्माता अनूप जलोटा हैं।
ओमपुरी इसमें तरह-तरह के इत्र बेचते हैं, परीक्षा और व्यवसाय में सफलता पाने का इत्र, किसी को मुग्ध करने का इत्र और सुहागरात का इत्र। सचमुच ओमपुरी फिल्म संसार में एक ऐसे इत्र वाले हैं, जिसके पास अभिनय के इत्र की तरह-तरह की खुशबू हैं, जो लंबे समय से हमें मुग्ध करती रही है।
फिल्म में सारिका, अन्नू कपूर, विनय पाठक जैसे फिल्म-टीवी कलाकारों के साथ काम करने वाले लखनऊ के रंगकर्मी सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ और मृदुला भारद्वाज भी हैं। कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि शूटिंग के दौरान उन्होंने इच्छा व्यक्त की थी कि वे अपने बेटे को लखनऊ में रंगमंच का प्रशिक्षण दिलाएंगे।
चर्चा हुई थी कि नाटक बिच्छू तैयार किया जाएगा। यह नाटक लखनऊ से संबंध रखने वाले रंजीत कपूर ने निर्देशित किया है। रंजीत कपूर और अन्नू कपूर ओमपुरी की पूर्व पत्नी सीमा कपूर के भाई हैं।
ओमपुरी लखनऊ बराबर आते रहे हैं। वे कबाड़ी से थोड़ा पहले गांधीगीरी की शूटिंग के लिए भी लंबे समय तक लखनऊ में रहे। इस फिल्म में उनकी भूमिका एनआरआई की थी। फिल्म गांधी जी के विचारों की एक नए ढंग से व्याख्यान करती है। वे फिल्म के प्रचार के सिलसिले में भी लखनऊ आए थे और एमिटी कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीच लंबा वक्त बिताया था। प्रचार के सिलसिले में उनका लखनऊ अक्सर आना-जाना रहता था।