बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा और आरएसएस दलितों व मुस्लिमों को भयभीत कर दोयम दर्जे का जीवन जीने को मजबूर करने का माहौल बना रहे हैं। भाजपा सरकारों में उपेक्षित, शोषित वर्ग के लोगों को गुलामी व लाचारगी की तरफ धकेलने की कोशिश की जा रही है। विरोधी दलों के नेताओं पर जानलेवा हमले भी करवाए जा रहे हैं। भाजपा को समझ लेना चाहिए कि अंबेडकरवादी न तो झुक सकता है, न ही उसे डराकर तोड़ा या खरीदा जा सकता है। मायावती ने बृहस्पतिवार को बसपा के प्रदेश कार्यालय में राज्य, मंडल, जिला व विधानसभा यूनिट के प्रमुख पदाधिकारियों व जिम्मेदार कार्यकर्ताओं के साथ विशेष बैठक की।
अंबेडकरवादी न तो झुक सकता है और न ही उसे खरीदा या तोड़ा जा सकता है: मायावती
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उन्होंने कहा कि भाजपा व पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के साम, दाम, दंड, भेद के हथकंडों के साथ-साथ असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक नीति व व्यवहार के कारण देश में भय, आतंक, हिंसा, बेचैनी व अफरातफरी जैसा माहौल है। भाजपा व आरएसएस की जातिवादी, संकीर्ण नीतियों एवं गुप्त एजेंडे के कारण गरीबों, दलितों व पिछड़ों की उपेक्षा सरकारी स्तर पर भी बढ़ गई है। इससे सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति का मिशनरी लक्ष्य पिछड़ने लगा है।
शहरों, स्टेशनों के नाम बदलने से बचे भाजपा
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि शहरों, स्टेशनों, सड़कों का नाम बदलना भाजपा सरकार की संकीर्ण, जातिवादी, सांप्रदायिक व फासीवादी सोच का परिणाम है। भाजपा को इस गलत परंपरा से बचना चाहिए।
मायावती ने कहा, भाजपा व आरएसएस के संकीर्ण जातिवादी व सांप्रदायिक जहर को बसपा की अंबेडकरवादी विचारधारा व जनसंघर्ष ही काट सकते हैं। बसपा के जनचेतना व संघर्ष कार्यक्रम की शुरुआत 18 सितंबर को मेरठ में पहले मंडल स्तरीय कार्यकर्ता महासम्मेलन से होगी।
अपराध नियंत्रण भाजपा के डीएनए में नहीं
बसपा अध्यक्ष ने कहा, अपराध नियंत्रण व बेहतर कानून-व्यवस्था भाजपा के डीएनए में नहीं है। यही कारण है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद लोगों व बहादुर जवानों का भी जीवन असुरक्षित हुआ है।