बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि सपा और कांग्रेस में गठबंधन की बात केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर चल रही है। इनमें गठबंधन तभी होगा जब भाजपा को अपना फायदा पक्का नजर आने लगेगा। इससे मुस्लिम समाज को खासतौर से सावधान रहने की जरूरत है। वह सोमवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से मुखातिब थीं।
मायावती ने कहा कि सपा की पहचान गुंडों, बदमाशों की पार्टी और जंगलराज की है। पारिवारिक कलह और आपसी वर्चस्व की लड़ाई जगजाहिर है। सपा के वोट अखिलेश व शिवपाल खेमे में बंट चुके हैं। मुख्यमंत्री सपा की तय हार पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस से गठबंधन की कोशिश में लगे हैं।
इससे वह हार का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ कर अपनी खराब छवि को जनता के बीच छिपा सकेंगे। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि गठबंधन करके वह और गड्ढे में चली जाएगी।
मायावती ने कहा, भाजपा ने अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए तमाम प्रयास किए लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। भाजपा नेताओं ने जब देखा कि बसपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ रही है तो मुस्लिम समाज को बांटने के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व उनके परिवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में ईडी व सीबीआई का डर दिखाकर सपा व कांग्रेस में गठबंधन की बात चलवा रहे हैं। इनके गठबंधन पर अंतिम मुहर तभी लगेगी जब भाजपा को फायदा होने वाला हो। सपा व भाजपा के मधुर संबंध किसी से छिपे नहीं हैं।
उन्होंने कहा, सपा सरकार के मुखिया ने पिछले चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। लेकिन उन्हें अंदाजा हो गया है कि सपा चुनाव नहीं जीतेगी। इसीलिए वह गठबंधन की बात कर रहे हैं। वरना, आक्सीजन पर चल रही कांग्रेस से गठबंधन को लेकर वह क्यों उतावले रहते?