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तस्वीरें: डॉ. कल्बे सादिक पाकिस्तान को कहते थे 'पापिस्तान', बेगुनाहों का खून बहाने वाला पाक तो हो ही नहीं सकता

Wed, 25 Nov 2020 09:35 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 25 Nov 2020 09:35 AM IST
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Maulana Dr. Kalbe Sadiq passed away Dr. Kalbe Sadiq used to call Pakistan 'Papistan'
शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कुछ दिनों से बीमार चल रहे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. कल्बे सादिक (83) का मंगलवार रात करीब 10 बजे निधन हो गया। उन्होंने एरा मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। उन्हें सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके बेटे कल्बे सिब्तैन नूरी ने निधन की सूचना देते हुए कहा कि वह हम सबको यतीम करके चले गए। हिंदू-मुस्लिम एकता और शिया-सुन्नी एकता के प्रबल समर्थक रहे सादिक की सादगी से विरोधी भी उनके कायल थे। 

 
Maulana Dr. Kalbe Sadiq passed away Dr. Kalbe Sadiq used to call Pakistan 'Papistan'
शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान नहीं पापिस्तान
आतंकवाद के खिलाफ मुखर डॉ. सादिक पाकिस्तान को न सिर्फ इसके लिए जिम्मेदार मानते थे बल्कि उनका कहना था कि जो निर्दोषों की हत्या करे उससे बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता। इसलिए पाकिस्तान को पापिस्तान कहना चाहिए। बेगुनाहों का खून बहाने वाला पाक तो हो ही नहीं सकता । 
 
Maulana Dr. Kalbe Sadiq passed away Dr. Kalbe Sadiq used to call Pakistan 'Papistan'
शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सादिक को लेकर नाराज हुए राज्यपाल
बात 2017 की है। कैंट के एमबी क्लब में कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए एक कार्यक्रम था। सादिक भी आमंत्रित थे। वह क्लब क्लब पहुंचे तो उन्हें ड्रेस कोड का हवाला देकर रोक लिया गया। वह कुर्ते-पायजामे में थे। वह लौट गए। मीडिया में खबर आ गई। इतने बड़े आलिम से यह व्यवहार तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक को बर्दाश्त नहीं हुआ। उन्होंने क्लब के पदाधिकारियों को न सिर्फ तलब किया बल्कि उनसे जो कुछ कहा उसके बाद क्लब के पदाधिकारियों का हाल बताया नहीं जा सकता।
 
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Maulana Dr. Kalbe Sadiq passed away Dr. Kalbe Sadiq used to call Pakistan 'Papistan'
शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उनको देखकर लोग मिला लेते थे घड़ी 
डॉ. सादिक की समय की पाबंदी मशहूर थी। वह हमेशा अपने दिए हुए समय पर पहुंचते थे और निर्धारित समय में ही तकरीर पूरी कर लेते थे। 1989 में पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष बने तो उन्हें बोर्ड की बैठक में शामिल होने का पत्र गया। वह उसमें दिए निश्चित समय पर पहुंचे। पर तब तक बोर्ड का कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा था। सादिक के बाद जफरयाब जीलानी पहुंचे। आधा घंटे तक जब बोर्ड का और कोई सदस्य नहीं पहुंचा तो सादिक लौट गए। इसके बाद से बोर्ड की बैठकों में उन्हें आधे घंटे बाद का ही समय देकर आमंत्रित किया जाने लगा। उनकी इस अदा से लोगों को समय की अहमियत बताई। लोग उन्हें देखकर घड़ी मिला लिया करते थे।  
 
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Maulana Dr. Kalbe Sadiq passed away Dr. Kalbe Sadiq used to call Pakistan 'Papistan'
शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जो गलत उसके खिलाफ
वह आतंकवाद के खिलाफ  मुखर दिखे। भले ही मामला पैगंबर साहब का कार्टून बनाने को हो या हाफिज सईद सहित मुस्लिम आतंकियों द्वारा उसे जेल से छुड़ाने के लिए हवाई जहाज के अपहरण की घटना हो। जिन्होंने कहा था कि हाथ में बंदूक थामकर कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है। बेगुनाहों के खून से हाथ लाल करने वाले इस्लाम को मानने वाले नहीं हो सकते। वह कहते थे कि किसी भी किस्म के आतंकवाद का वास्ता किसी भी मजहब से नहीं हो सकता।
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