लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में मंगलवार सुबह झाड़ियों के बीच ढाबाकर्मी श्यामू (25) का शव लटका मिलने से हड़कंप मच गया। पत्नी सुशीला ने पुलिस के खौफ से खुदकुशी का आरोप लगाया है।
पत्नी सुशीला ने पुलिस के खौफ से खुदकुशी का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि श्यामू मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर में जिस ढाबे में काम करता था, वहां के मालिक ने बाइक चोरी का शक जताया था। पुलिस ने सोमवार रात उसे पकड़कर घंटों थाने में बैठाया। मंगलवार सुबह पुलिस ने फिर बुलाने की बात कही, जिससे वह दहशत में था। पत्नी सुशीला गर्भवती है। परिवारीजनों ने बताया कि सुशीला के पांच साल का एक बेटा आयूष और दो साल की बेटी सपना है।
जानकीपुरम के प्रभारी निरीक्षक पीके झा ने बताया कि श्यामू मूलरूप से हरदोई के संडीला अटरिया का रहने वाला था और 10 दिन पहले ही लखनऊ आकर मोहिबुल्लापुर के पास एक नॉनवेज ढाबे में काम कर रहा था। उसका बहनोई सुरेश मड़ियांव में एक ढाबे में नौकरी करता है और उसने ही श्यामू की नौकरी लगवाई थी।
इलाके में यह भी चर्चा है कि सोमवार रात श्यामू और उसके साथ ढाबे में काम करने वाला कुलदीप सहित छह-सात लोग बाइक से सुरेश के ढाबे में गए थे। वहां आपस में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया जिस पर श्यामू ने फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
पत्नी बोली- पुलिस के डर से पति ने दी जान
पत्नी का कहना है कि मंगलवार सुबह करीब सात बजे पति ने फोन कर कुछ रुपये का इंतजाम करने को कहा था। उसने बताया कि मालिक को शक है कि ढाबा के सामने से बाइक उसने चोरी की है। मालिक की शिकायत पर पुलिस सोमवार रात उसे थाना ले गई थी। देर रात उसे यह कहकर छोड़ा गया कि मंगलवार को फिर बुलाया जाएगा। बकौल सुशीला, पति ने जेल के डर से फांसी लगा ली।