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लखनऊः किशोरियों ने किया खुलासा, सुनाई आपबीती, पुलिसकर्मियों के खड़े हो गए रोंगटे

Fri, 26 Jul 2019 04:29 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Fri, 26 Jul 2019 04:29 PM IST
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man arrested for physical exploitation in lucknow
विजय बदरी - फोटो : amar ujala
मासूम किशोरियों को नशे और जिस्मफरोशी के दलदल में धकेलने वाले हैवान विजय बदरी उर्फ बंगाली को बृहस्पतिवार सुबह लखनऊ के बादशाहनगर स्टेशन से आरपीएफ की टीम ने दबोच लिया। वह छह महीने से दो किशोरियों से घिनौनी हरकतें करा रहा था। दहशतजदा किशोरियां दो किशोरों के साथ बाराबंकी जाने के लिए निकली थीं, तभी स्टेशन पर चेकिंग कर रहे आरपीएफ के दरोगा वंश बहादुर यादव ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ पर किशोरियों ने जो आपबीती सुनाई, उससे पुलिसकर्मियों के रोंगटे खड़े हो गए। आरपीएफ ने आरोपी और चारों बच्चों को गाजीपुर पुलिस के सुपुर्द करते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है। चारों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।



 
man arrested for physical exploitation in lucknow
आरोपी विजय बदरी - फोटो : amar ujala
आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके खान ने बताया कि सुबह बादशाहनगर चौकी के प्रभारी वंश बहादुर यादव पुलिस टीम के साथ प्लेटफार्म पर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान 15 व 16 साल की दो किशोरियां और 14 साल के दो किशोर प्लेटफार्म पर डरे-सहमे से भटकते दिखे। चौकी प्रभारी ने उन्हें रोककर महिला सिपाही अर्चना मिश्रा, विमला तिवारी और अंजनी सिंह के जरिये पूछताछ की तो होश उड़ाने वाली हकीकत पता चली। एक किशोरी ने बताया कि वह हजरतगंज के बालू अड्डा की रहने वाली है, जबकि दूसरी मूलरूप से असम की है और यहां इंदिरानगर में रहती है। वहीं, एक किशोर बाराबंकी के सुगौली व दूसरा गुडंबा का है। उन्होंने बताया कि इंदिरानगर के मुंशी पुलिया में रहने वाला एक पैर से दिव्यांग विजय बदरी उर्फ बंगाली उन्हें नशा पिलाकर जिस्मफरोशी कराता है। उसके डर से वह लखनऊ छोड़कर बाराबंकी जाने के लिए स्टेशन आए थे। पुलिस ने विजय का पता पूछा तो उन्होंने कहा कि वह कुछ घंटे में उन्हें खोजते हुए स्टेशन आ जाएगा। पुलिस उन्हें सुरक्षित रखकर विजय का इंतजार करने लगी। करीब 11 बजे वह बादशाहनगर स्टेशन पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में विजय ने बताया कि वह छह महीने से चारों को साथ रखे था। उन्हें खाना और कपड़े देता था। बदले में किशोरियों से जिस्मफरोशी और किशोरों से चोरी कराता था। इंस्पेक्टर ने बताया कि बादशाहनगर चौकी के प्रभारी की ओर से विजय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
 
man arrested for physical exploitation in lucknow
आरोपी विजय बदरी - फोटो : amar ujala

मासूमों का खून निकाल लगा देता था कपड़ों पर

 किशोरियों ने बताया कि विजय भीख मांगने की आड़ में चोरियां और जिस्मफरोशी का धंधा करता था। लोगों की सहानुभूति बटोरने को वह उनके जिस्म पर ब्लेड मारकर खून निकालता और उसे अपने पैर पर बंधी पट्टी पर लगाता था। पहले विजय चारबाग स्टेशन में चोरियां करता था। ट्रेन की चपेट में आने से उसका दायां पैर कट गया था। इस पर उसने भीख मांगना शुरू किया। बाद में वह किशोरियों से जिस्मफरोशी और किशोरों से चोरी कराने लगा। विजय किशोरियों की एक-एक गतिविधियों पर नजर रखता था। इसके लिए उसने कई लड़के रखे थे। किशोरियों ने बताया कि विजय उन्हें ग्राहकों के साथ भेजने से पहले चाय या कोल्डड्रिंक में नशे की गोलियां मिलाकर देता था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
दीवान का था संरक्षण
आरपीएफ की पूछताछ में पता चला है कि विजय गाजीपुर थाने के एक दीवान के संरक्षण में धंधा करता था। दीवान उससे रोज 400 से 500 रुपये लेता था।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर

किशोरियों को लेने रात को कारों और बाइक से आते थे लोग
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि बंगाली के ग्राहक तय थे। वह रात को मुंशी पुलिया चौकी के पास सड़क पर बने उसके खोखे में आते और लड़कियों को लेकर चले जाते थे। किशोरी ने बताया कि कभी उन्हें कार से तो कभी बाइक से भेजा जाता था।

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