भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर आदमी अपने कामों में व्यस्त है, वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय की एकल छात्र परिषद के सदस्य मलिन बस्तियों में शिक्षा का उजियारा फैला रहे हैं। दुर्गेश त्रिपाठी के नेतृत्व में परिषद सदस्य मलिन बस्तियों में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं साथ ही उनकी शैक्षिक जरूरतों को भी अपनी जेब से पूरा कर रहे हैं। इतना ही नहीं गांवों में जाकर लोगों को सेहत के प्रति जागरूक कर रहे हैं...
मलिन बस्तियों में शिक्षा का उजियारा फैला रहे हैं लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स, देते हैं ये सीख भी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए डिफेंस स्टडीज में टॉप करने के बाद दुर्गेश त्रिपाठी को मेधावी छात्र परिषद का अध्यक्ष बना दिया गया। परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद दुर्गेश ने मलिन बस्ती के बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से एकल छात्र परिषद का गठन किया। दुर्गेश बताते हैं कि एक वर्ष पहले जब उन्होंने देखा कि कक्षाओं के बीच में काफी समय होता है और उस खाली समय छात्र इधर-उधर या फिर कैंटीन में बैठकर बर्बाद कर देते हैं, ऐसे छात्रों से संपर्क कर एक टीम का गठन किया और एकल छात्र परिषद की नींव रखी।
आज यह समूह मलिन बस्तियों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देकर उनका भविष्य संवार रहा है।समूह में छात्राएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया 12 छात्रों से शुरू हुए समूह में आज 150 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं, जिनको 30-30 के समूह में बांटा गया है। हर समूह में से एक छात्र रोजाना आसपास की मलिन बस्तियों में जाकर बच्चों को एकत्रित कर पढ़ाता है।
मलिन बस्तियों में जाकर वे उनकी स्थिति का जायजा लेते हैं। उनको स्वच्छता की सीख देते हैं। यही नहीं अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण की सीख देते हुए जिन बुजुर्गों का निधन हो चुका है उनके नाम से पौधा रोपण कराते हैं। साथ ही देखरेख करने को भी कहते हैं। मलिन बस्तियों में जाकर अपना जन्मदिन मनाते हैं। उनके बीच वस्त्र, मिठाइयां आदि बांटते हैं। दिवाली पर सभी छात्र समूह बस्तियों में जाकर उनके साथ मिलकर दीये जलाते हैं। यह परंपरा गत दीपावली से शुरू की। यही नहीं मलिन बस्तियों के बीच वे नया साल भी मनाते हैं। कोई भी त्यौहार व उत्सव मनाने के पीछे उनका खास सामाजिक सरोकार होता है। इसके जरिए वे किसी न किसी अभियान को अंजाम देते हैं।