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133 साल बाद इस रेलवे लाइन पर फिर दौड़ी ट्रेन, दुल्हन सी सज-धज कर निकली पहली रेल, तस्वीरें
Thu, 10 Jan 2019 02:29 PM IST
ishwar ashish
नीरज ‘अम्बुज’, अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 10 Jan 2019 02:29 PM IST
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ट्रेन
- फोटो : amar ujala
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ट्रैक, फुटओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म, स्टेशन, बांउड्री, बेंच, पेड़ और जहां तक नजर पहुंच रही थी लोगों का हुजूम ही दिख रहा था। आंखों में ट्रेन के चलने की बेसब्री, मन में उमंग और सफर को यादगार बनाने का उल्लास। हर कोई आंखों में इस सफर को बसाने की चाहत लिए हुआ था।
ट्रेन
- फोटो : amar ujala
खैराबाद (सीतापुर) से लखनऊ के लिए बुधवार को ब्रॉडगेज की पहली पैसेंजर ट्रेन जब पटरी पर आई तो बच्चे, बुजुर्ग, पुरुष, महिला, किसान हो या मजदूर, हर कोई इस जश्न में शामिल होने को बेताब था। उनका बेताब होना लाजिमी भी था, क्योंकि करीब तीन साल बाद सीतापुर-लखनऊ के बीच ट्रेन शुरू हो रही थी। 133 साल बाद इस रेलखंड पर नए युग का आगाज जो हो रहा था।
ट्रेन
- फोटो : amar ujala
अब मीटरगेज से ब्रॉडगेज हुई इस लाइन पर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दोपहर 1.37 बजे खैराबाद में समारोह के बीच ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद ट्रेन सीतापुर स्टेशन से चलकर दोपहर 2.02 बजे खैराबाद पहुंच गई। फूलों से लकदक। इंजन पर अवध की पहचान मछलियां व पूर्वोत्तर रेलवे का लोगा लगाए हुए।
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ट्रेन
- फोटो : amar ujala
रेल राज्यमंत्री ट्रेन में सवार और सफर शुरू
रेल राज्यमंत्री ट्रेन में सवार हुए और सफर शुरू हो गया। पहला कारवां बरई जलालपुर था। फूलों से सजी ट्रेन एक के बाद एक स्टेशनों के कारवां पार कर रही थी तो पटरियों के दोनों ओर उत्सव का माहौल नजर आ रहा था। खेतों में काम कर रहे किसान हों, मजदूर या स्कूल से लौट रहे बच्चे। हर कोई ट्रेन देख उत्साहित था। कमलापुर, सुरैचा हाल्ट, सिधौली से लेकर लखनऊ जंक्शन तक पड़ने वाली हर क्रॉसिंग, पुल, पुलिया ऐसा दिखा।
रेल राज्यमंत्री ट्रेन में सवार हुए और सफर शुरू हो गया। पहला कारवां बरई जलालपुर था। फूलों से सजी ट्रेन एक के बाद एक स्टेशनों के कारवां पार कर रही थी तो पटरियों के दोनों ओर उत्सव का माहौल नजर आ रहा था। खेतों में काम कर रहे किसान हों, मजदूर या स्कूल से लौट रहे बच्चे। हर कोई ट्रेन देख उत्साहित था। कमलापुर, सुरैचा हाल्ट, सिधौली से लेकर लखनऊ जंक्शन तक पड़ने वाली हर क्रॉसिंग, पुल, पुलिया ऐसा दिखा।
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ट्रेन
- फोटो : amar ujala
वहीं ट्रेन में सफर करने वालों की खुशियां भी कम नहीं थीं। खासतौर से छात्रों केलिए। ट्रेन जहां-जहां से गुजरी, खुशियां बिखेरते गुजरी। लोग घरों से निकलकर, छतों व मुंडेर तक ट्रेन को देखने केलिए जुटे। इस पहले सफर को लोको पायलट सुबोध कुमार, सहायक लोको पायलट प्रशांत श्रीवास्तव व गार्ड एनके सिह व अमित कुमार कटियार ने यादगार बनाया। वहीं एडीआरएम (ऑपरेशन) प्रवीण पांडेय व डीसीएम देवानंद यादव की भूमिका अहम रही। उन्होंने पूरी यात्रा को इतिहास का एक अभिन्न अंग बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा बीकेटी में ट्रेन से उतर गए।