चार महीने पहले खुदकुशी करने जा रही महिला की मदद कर सोशल मीडिया में तारीफें बटोरने वाली पीजीआई पुलिस ने शुक्रवार सुबह अपनी अमानवीय करतूत से खाकी को शर्मसार कर दिया। तेलीबाग चौकी के सामने सड़क पर गिरकर तड़प रही बीमार ‘अम्मा’ को सहारा देने के बजाए पुलिसकर्मी तमाशबीन बनकर खड़े रहे।
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बेहोश महिला
- फोटो : अमर उजाला
वृद्धा की बेटी मदद के लिए हाथ जोड़कर चीखती रही लेकिन पुलिसकर्मियों में जुंबिश नहीं हुई। राहगीरों की मदद से वृद्धा को उठाकर अस्पताल ले जाया गया। पुलिस की संवेदनहीनता का यह नजारा सुबह लगभग सात बजे का है। बिहार निवासी एक वृद्धा पीजीआई में उपचार कराने आई थीं।
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बेहोश पड़ी बुजुर्ग महिला
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर बिहार वापस जा रही थीं। वह बेटी के साथ ऑटो से चारबाग रेलवे स्टेशन की तरफ जा रही थीं तभी तेलीबाग चौकी के ठीक सामने पीछे से आ रही बेकाबू स्कूल बस ने टक्कर मार दी। ऑटो पलट गया और वृद्धा व उनकी बेटी और दामाद बीच सड़क पर गिर पड़े जबकि स्कूल बस का चालक वाहन लेकर भाग निकला। वृद्धा के मूत्रनली पड़ी थी और थैली बंधी थी। हादसे से उनके सिर पर चोट लगी और खून निकलने लगा।
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चौकी के पास बेहोश पड़ी रहीं बुजुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
उनकी हालत देखकर बेटी मदद के लिए चीखने लगी। वृद्धा को तड़पता देखकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। इस दौरान सामने चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने चार कदम चलकर मौके पर जाने की जहमत तक नहीं उठाई।
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बुजुर्ग महिला
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उधर प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नाथ राय ने मामले की जानकारी से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि ऑटो रिक्शा डिवाइडर से टकराकर पलटने की सूचना मिली थी।