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Building Collapse: मलबे के अंदर से सुनाई दे रही थीं चीखें, धुआं-धुंध कम हुआ तो दिखा डरावना मंजर; मसीहा बने लोग

Mon, 09 Sep 2024 10:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 09 Sep 2024 10:05 AM IST
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Lucknow Building Collapse Screams heard from inside rubble people arrived like saviors, saved lives of many
Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में इमरात गिरने से हुए हादसा के बाद भगदड़ मच गई। धुआं, धुंध कम हुआ तो खौफनाक मंजर दिखा। मलबे में दबे लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। तभी आसपास मौजूद कई लोग वहां पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही पांच-छह लोगों को बाहर निकाल उनकी जान बचाई। जान बचाने वाले ये शख्स किसी मसीहा से कम नहीं थे। इसमें कई लोग शामिल थे। हालांकि, रविवार को घटनास्थल पर दो लोग मिले, जिन्होंने हादसे के बारे में बताने के साथ लोगों को बचाने की कहानी बयां की।
Lucknow Building Collapse Screams heard from inside rubble people arrived like saviors, saved lives of many
Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
फोन पहुंचते ही आए, चार को बाहर निकाला
संतकबीरनगर के रहने वाले कलाम पास के एक गोदाम में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त वह करीब एक किमी की दूरी पर किसी काम से गए थे। इसी बीच उनके स्टाफ ने फोन कर उन्हें सूचना दी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे। अपने एक दो साथियों के साथ मिलकर बिल्डिंग में शुरुआती एरिया में जो लोग फंसे थे, उनको निकालने का प्रयास करने लगे। कुछ ही देर में चार लोगों को बाहर निकाल लिया। जब पुलिस व मेडिकल टीम पहुंची तो चारों को अस्पताल भेजा गया।

 
Lucknow Building Collapse Screams heard from inside rubble people arrived like saviors, saved lives of many
Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
लग रहा था कि किसी तरह सबको निकाल लूं
संडीला निवासी आरिफ दवा के गोदाम में काम करते हैं। हादसे के बाद वह भी तत्काल मौके पर पहुंचे थे। आरिफ के मुताबिक, मलबे के भीतर से कई लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। उन्होंने अपने साथियों की मदद से दो लोगों को बाहर निकाल लिया था। इसके बाद भी कई लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, लेकिन मलबा अधिक होने के कारण सभी बेबस थे। आरिफ ने कहा कि उस वक्त ऐसा लग रहा था कि किसी तरह सभी को बाहर निकाल लूं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

 
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Lucknow Building Collapse Screams heard from inside rubble people arrived like saviors, saved lives of many
Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
दमकल की टीम ने चंद मिनट में बचाई थीं 7 जिंदगियां
पुलिस को सूचना मिलने के साथ ही दमकल की टीम को भी जानकारी हुई थी। चीफ फायर ऑफिसर मंगेश कुमार टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे थे। कुछ ही मिनटों में एक-एक कर सात लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया था। अगर वक्त पर इन लोगों को न निकाला जाता तो जान जा सकती थी। इसी तरह आगे पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ न अन्य लोगों को निकाला था। दमकल के रेस्क्यू संबंधी कई वीडियो भी सामने आए हैं।
 
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Lucknow Building Collapse Screams heard from inside rubble people arrived like saviors, saved lives of many
Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
अलाया हादसे के बाद चेत जाता एलडीए तो टल सकता था ट्रांसपोर्टनगर हादसा
आपको बता दें कि पिछले साल हुए अलाया अपार्टमेंट हादसे के बाद एलडीए चेत जाता तो शनिवार को हुआ ट्रांसपोर्टनगर हादसा टल सकता था। अलाया हादसे के बाद पूरे शहर में कॉमर्शियल बिल्डिंग और अपार्टमेंटों का सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश हुआ था। इसके बाद एलडीए बोर्ड से प्रस्ताव भी पास हुआ, लेकिन यह कवायद कागजी भर रही। अब एक और हादसा होने के बाद एलडीए ने सुरक्षा के लिए बिल्डिंगों की स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग जांच कराने की बात कही है। रविवार को ट्रांसपोर्ट नगर में इसी आधार पर एक बिल्डिंग को सील भी किया गया है।

 
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