चारबाग स्टेशन लाइवः सुविधाओं का अभाव, अव्यवस्था और मनमानी से यात्रियों का हाल बेहाल, तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का चारबाग रेलवे स्टेशन व पूर्वोत्तर रेलवे का लखनऊ जंक्शन स्टेशन एवन श्रेणी का है। यहां रोजाना करीब डेढ़ लाख यात्रियों का आना-जाना होता है। लेकिन स्टेशनों पर सुविधाओं का अभाव यात्रियों को बहुत सालता है। ट्रेनों के इंतजार में यात्री ठंड से ठिठुर रहे हैं। एक ओर जहां चारबाग के प्लेटफार्मों पर बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से यात्री जमीन पर गठरी बने जा रहे हैं। वहीं उन्हें सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हो रहीं। दरअसल, कोहरे में ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों केलिए परेशानी बनी हुई है।
‘पुष्पक’ के इंतजार में काट रहे रात
पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगियों में एंट्री के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम लगा है। भीड़ के चलते जिन यात्रियों को ट्रेन में जगह नहीं मिल पाती है। वह अगले दिन के लिए इंतजार करने लगते हैं। लखनऊ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर ऐसे यात्रियों की भरमार मिली, जो मंगलवार की पुष्पक के लिए प्लेटफॉर्म पर इंतजार करते रहे। बहराइच से आए राहुल, सोनू व राजू ने बताया कि सोमवार सुबह जल्दी आ गया था, फिर भी टोकन नहीं मिल पाया और ट्रेन छूट गई।
चारबाग स्टेशन पर प्रीपेड आटो की सुविधा है। दिन में तय रेट के मुताबिक प्रीपेड आटो चलते हैं, लेकिन शाम ढलते ही जीआरपी की शह पर आटो वालों की मनमानी शुरू हो जाती है। निशांत कुमार ने गोमतीनगर के विशालखंड के लिए लिए प्रीपेड बूथ पर बैठे सिपाही से किराया पूछा तो उसने पहले तो जवाब ही नहीं दिया, जब दोबारा पूछा तो दूसरे सिपाही ने आटो वाले को रोका। आटो वाले ने किराया 300 रुपये बताया। जब बूथ पर लगी लिस्ट देखी गई तो उस पर 100.78 रुपये किराया दर्ज था। इस पर जीआरपी सिपाही ने आटो वाले का समर्थन करते हुए कहा कि सही रेट लिया जा रहा है।
चारबाग रेलवे स्टेशन व लखनऊ जंक्शन पर दिन में जहां बंदरों का आतंक रहता है, वहीं रात में कुत्तों से प्लेटफॉर्म घिरे रहते हैं। जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर कुत्तों से बचने के फेर में दो यात्री चोटिल हो गए।