इस मौसम में आम किचन की शान बना हुआ है, लेकिन आम खाने के बाद हम उसकी गुठली फेंक देते हैं जबकि ये गुठलियां सेहत के लिए बहुत लाभदायक होती है। खासकर शूगर के मरीजों के लिए। आम खाने के बाद उसकी गुठलियों को चार-पांच दिन रख देना चाहिए। जब वह सूख जाए तो गुठलियों को तोड़ कर उसके अंदर का बीज निकाल लें और उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुबह खानी पेट गुनगुने पानी से लेने से कई फायदे होते हैं। यह ब्लड शूगर को नियंत्रित रखता है।
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सेल्वी वर्मा
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इससे पेट साफ रहता है। गुनगुने पानी के साथ लेने से यदि दस्त होने लगे तो कुछ समय के लिए इसका प्रयोग बंद कर देना चाहिए। तीन दिन के अंतराल पर एक वक्त सेवन करना चाहिए। फिर धीरे-धीरे इसका सेवन बढ़ाते जाना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि एक वक्त एक छोटे चम्मच से ज्यादा इसका सेवन न करें। इसमें हल्का नमक भी मिलाया जा सकता है। इसका सेवन करने से पेट संबंधी तमाम बीमारियां नहीं होती हैं।
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आम की गुठलियां
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जो लोग मोटापा की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी यह रामबाण है। इस चूर्ण का सेवन करने से मोटापा थम जाता है। यही वजह है कि इस मौसम में शूगर और पेट के मरीजों को आम की गुठली का चूर्ण खाने की भी सलाह दी जाती है। यह एंटी आक्सीडेंट का भी काम करता है। इसका चूर्ण बनाते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। गुठलियों को फोड़ कर उसके बीज को अच्छे से साफ कर लें। फिर उसे सुखा लें, जो गुठलियां सड़ने लगती हैं और जिनमें फंगस लग जाते हैं, उन्हें अलग कर देना चाहिए।
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आम की गुठली
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क्या-क्या है इसमें
100 ग्राम गुठली के चूर्ण में करीब 13 ग्राम फैट, 32.2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 6.3 ग्राम प्रोटीन, 1.3 एमजी विटामिन, 2 ग्राम डाइएट्री फाइबर, 22 ग्राम मैग्नीशियम, 8.4 ग्राम अमीनो एसिड एवं 2.3 हिस्टीडाइन होता है।
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आम की गुठली
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इन बीमारियों के लिए फायदेमंद
आम की गुठली के चूर्ण को कार्डियोवस्कुलर बीमारियों के साथ ही स्किन, डायबिटीज, डाइजेशन के लिए फायदेमंद माना जाता है। आम की गुठलियों के चूर्ण को हल्का पानी में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसमें टमाटर का जूस और गुलाब जल मिलाकर हाथ, पैर और चेहरे पर लेपन करने से स्किन में निखार आता है। झुर्रियां कम हो जाती है।