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यहां पीपल की छांव के नीचे विराजमान हैं बाबा, लोग मनौती पूरी होने पर बांधते हैं घंटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 14 Aug 2018 01:19 PM IST
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सैसेवीर मंदिर
- फोटो : amarujala
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खुले आसमान के नीचे विराजमान भोले बाबा हर भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं। यही वजह है कि लखनऊ की पॉश कॉलोनी कृष्णानगर में स्थित सैसेवीर मंदिर में विराजमान भोले की महिमा दूर तक फैली है।
सैसेवीर मंदिर
- फोटो : amarujala
यहां मनौती पूरी होने पर घंटा बांधने की परंपरा है, जो वर्षों से चली आ रही है। सावन मास के हर सोमवार को यहां दिनभर रुद्राभिषेक व शृंगार का दौर चलता है। महाशिवरात्रि पर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं।
सैसेवीर मंदिर
- फोटो : amarujala
यूं प्रगट हुए महादेव
वैसे तो स्थानीय लोगों को मालूम नहीं कि मंदिर की स्थापना कब हुई, लेकिन बताते हैं कि मंदिर कई साल पुराना है। बाबा यहां विशालकाय स्वरूप में विराजे हैं। कहते हैं बाबा खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करते हैं।
वैसे तो स्थानीय लोगों को मालूम नहीं कि मंदिर की स्थापना कब हुई, लेकिन बताते हैं कि मंदिर कई साल पुराना है। बाबा यहां विशालकाय स्वरूप में विराजे हैं। कहते हैं बाबा खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करते हैं।
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सैसेवीर मंदिर
- फोटो : amarujala
भक्तों ने कई बार यहां मंदिर की छत बनवाने की कोशिश की, लेकिन हर बार पूरी बनने से पहले ही धराशायी हो गई। आखिरकार भक्तों ने छत बनवाना ही छोड़ दिया। बाबा पीपल की छांव के नीचे विराजमान है।
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राहुल प्रकाश
- फोटो : amarujala
क्या कहते हैं भक्त
भक्त राहुल प्रकाश कहते हैं कि बाबा कहीं भी हो, किसी भी स्थान पर विराजे हों, उनकी सेवा पूजा करने का फल वो हर जगह से देते हैं। देर से ही सही, पर सुनते जरूर है। उनके दरबार की महिमा ऐसी है कि वो किसी को खाली हाथ नहीं लौटाते। एक लोटा जलभर के अभिषेक से बाबा प्रसन्न हो जाते हैं।
भक्त राहुल प्रकाश कहते हैं कि बाबा कहीं भी हो, किसी भी स्थान पर विराजे हों, उनकी सेवा पूजा करने का फल वो हर जगह से देते हैं। देर से ही सही, पर सुनते जरूर है। उनके दरबार की महिमा ऐसी है कि वो किसी को खाली हाथ नहीं लौटाते। एक लोटा जलभर के अभिषेक से बाबा प्रसन्न हो जाते हैं।