{"_id":"5bbb00dc867a5568731d9d9c","slug":"know-about-of-bkt-airforce-of-lucknow","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"वायु सेना दिवसः रोमांच से भरपूर है लखनऊ के बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन का सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायु सेना दिवसः रोमांच से भरपूर है लखनऊ के बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन का सफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:31 PM IST
विज्ञापन
विमान
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोमांच का दूसरा नाम है भारतीय वायु सेना। सोमवार को वायुसेना अपना 86वां स्थापना दिवस मना रही है। एयरफोर्स का लखनऊ से गहरा नाता है। वायु सेना की मध्य वायु कमान का बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन लखनऊ में ही है। इसकी केयर एंड मेंटीनेंस यूनिट से वायुसेना स्टेशन बनने तक सफर काफी दिलचस्प है। यहां डकोटा, मारूत व नैट जैसे ऐतिहासिक विमानों की मरम्मत होती थी।
विमान
- फोटो : amar ujala
यह भी जानिए
स्थापना और पूर्व नाम : आठ अक्तूबर 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना हुई थी, इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद रॉयल शब्द हटा दिया गया।
वर्तमान क्षमता : बेड़े में तेरह सौ से अधिक विमान, 1.5 लाख सैनिक हैं, जो इसे दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना बनाते हैं।
पांच ऑपरेशनल व दो फंक्शनल कमान
भारतीय वायुसेना में पांच ऑपरेशनल व दो फंक्शनल कमान हैं। पूर्वी कमान, दक्षिण पश्चिमी वायु कमान, पश्चिमी वायु कमान, दक्षिणी वायु कमान व मध्य वायु कमान का मुख्यालय इलाहाबाद में है। जबकि बंगलुरु में ट्रेनिंग कमांड और नागपुर में मेंटीनेंस कमांड का मुख्यालय है।
स्थापना और पूर्व नाम : आठ अक्तूबर 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना हुई थी, इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद रॉयल शब्द हटा दिया गया।
वर्तमान क्षमता : बेड़े में तेरह सौ से अधिक विमान, 1.5 लाख सैनिक हैं, जो इसे दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना बनाते हैं।
पांच ऑपरेशनल व दो फंक्शनल कमान
भारतीय वायुसेना में पांच ऑपरेशनल व दो फंक्शनल कमान हैं। पूर्वी कमान, दक्षिण पश्चिमी वायु कमान, पश्चिमी वायु कमान, दक्षिणी वायु कमान व मध्य वायु कमान का मुख्यालय इलाहाबाद में है। जबकि बंगलुरु में ट्रेनिंग कमांड और नागपुर में मेंटीनेंस कमांड का मुख्यालय है।
विमान
- फोटो : amar ujala
बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन मध्य कमान का हिस्सा
मध्य वायु कमान को मार्च, 1962 में कलकत्ता में बनाया गया था। इस कमान के अंतर्गत आगरा, बरेली, गोरखपुर, ग्वालियर एयरबेस हैं। मध्य कमान के तहत बख्शी का तालाब एयरफोर्स स्टेशन आता है। 60 के दशक में बीकेटी एयरफोर्स की केयर एंड मेंटीनेंस यूनिट थी और 1966 में यहां रनवे था।
मध्य वायु कमान को मार्च, 1962 में कलकत्ता में बनाया गया था। इस कमान के अंतर्गत आगरा, बरेली, गोरखपुर, ग्वालियर एयरबेस हैं। मध्य कमान के तहत बख्शी का तालाब एयरफोर्स स्टेशन आता है। 60 के दशक में बीकेटी एयरफोर्स की केयर एंड मेंटीनेंस यूनिट थी और 1966 में यहां रनवे था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विमान
- फोटो : amar ujala
डकोटा से मिग-21 की स्क्वैड्रन तक
1966 में यहां मिलेट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ‘डकोटा’ की मेंटीनेंस होती थी। इसके बाद 1975 में सबसे पहला ‘नाट’ एयरक्राफ्ट यहां आया, जो काफी समय तक स्टेशन से जुड़ा रहा। फिर 1980 में देश का पहला स्वदेशी विमान ‘मारुत’ बीकेटी की शान बना। इसी क्रम में 1983 में बीकेटी स्टेशन पर मिग-21 की स्क्वैड्रन बनी, जिन्हें रैपियर्स कहते थे। 2014 में केयर एंड मेंटीनेंस यूनिट से बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन बन गया और 2016 में लंबे अरसे बाद एयर शो हुआ, जिसमें सुखोई, मिग व ऐरोबेटिक टीम ने जलवे बिखेरे थे। वहीं 2017 में एयरफोर्स स्टेशन के रनवे व एयरफील्ड का अपग्रेडेशन हुआ है। बख्शी का तालाब एयरफोर्स स्टेशन परिसर के अंदर वाल ऑफ फेम है। बताया जाता है कि इस दीवार पर वायुसेना के जांबाजों का शौर्य व पराक्रम झलकता है। स्क्वैड्रन लीडर प्रीतपाल सिंह, स्क्वैड्रन लीडर अनिल कुमार, स्क्वैड्रन लीडर घनश्याम सिंह थापा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट योगेंद्र प्रसाद सिंह की जांबाजी के किस्से लिखे हैं।
1966 में यहां मिलेट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ‘डकोटा’ की मेंटीनेंस होती थी। इसके बाद 1975 में सबसे पहला ‘नाट’ एयरक्राफ्ट यहां आया, जो काफी समय तक स्टेशन से जुड़ा रहा। फिर 1980 में देश का पहला स्वदेशी विमान ‘मारुत’ बीकेटी की शान बना। इसी क्रम में 1983 में बीकेटी स्टेशन पर मिग-21 की स्क्वैड्रन बनी, जिन्हें रैपियर्स कहते थे। 2014 में केयर एंड मेंटीनेंस यूनिट से बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन बन गया और 2016 में लंबे अरसे बाद एयर शो हुआ, जिसमें सुखोई, मिग व ऐरोबेटिक टीम ने जलवे बिखेरे थे। वहीं 2017 में एयरफोर्स स्टेशन के रनवे व एयरफील्ड का अपग्रेडेशन हुआ है। बख्शी का तालाब एयरफोर्स स्टेशन परिसर के अंदर वाल ऑफ फेम है। बताया जाता है कि इस दीवार पर वायुसेना के जांबाजों का शौर्य व पराक्रम झलकता है। स्क्वैड्रन लीडर प्रीतपाल सिंह, स्क्वैड्रन लीडर अनिल कुमार, स्क्वैड्रन लीडर घनश्याम सिंह थापा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट योगेंद्र प्रसाद सिंह की जांबाजी के किस्से लिखे हैं।
विज्ञापन
विमान
- फोटो : amar ujala
मेमोरा में पायलटों की ट्रेनिंग
लखनऊ में बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन के अतिरिक्त एयर डिफेंस कॉलेज है, जो मेमोरा में स्थित है। यहां फाइटर पायलट कोर्स कराया जाता है। हाल ही में यहां अत्याधुनिक रडार लगाया गया है, जिससे देश के किसी भी विमान पर नजर रखी जा सकती है।
लखनऊ में बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन के अतिरिक्त एयर डिफेंस कॉलेज है, जो मेमोरा में स्थित है। यहां फाइटर पायलट कोर्स कराया जाता है। हाल ही में यहां अत्याधुनिक रडार लगाया गया है, जिससे देश के किसी भी विमान पर नजर रखी जा सकती है।