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इस शिव मंदिर में पूरी हुई थी राजा की मनोकामना, हर तरफ से हो गया था निराश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 08 Aug 2018 04:34 PM IST
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कारेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
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लखनऊ के इटौंजा के कुम्हरावां कस्बे में ऐतिहासिक कारेश्वर महादेव मंदिर बाबा केभक्तों की मनौती पूरी करने के लिए क्षेत्रभर में प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि यहां आने वाला भक्त निराश नहीं जाता। यहां पर सदियों पुरानी शिवजी की प्रतिमा स्थापित है, रोजाना यहां शिवभक्त शिवजी की पूजा-अर्चना करते हैं।
कारेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
शिव मंदिर के पास ही गौशाला है। भक्तों की मनौती है कि यहां सावन में नियमित आराधना करने वाले के हर दुख और कष्ट भगवान शिव हर लेते हैं। शिवरात्रि केअलावा सावन के हर सोमवार, नागपंचमी पर बाबा के इस मंदिर पर मेले जैसा माहौल रहता है।
कारेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
यूं प्रकट हुए महादेव
भक्तों की मान्यता है कि यह स्वत: ही प्रकट हुई है। महिगंवा रियासत के राजा ने दशकों पहले इस शिव मंदिर का निर्माण कराया था। उनका कोई विशेष काम नहीं बन पा रहा था। वे उसे पूरा करने के लिये सारे प्रयास कर चुके थे।
भक्तों की मान्यता है कि यह स्वत: ही प्रकट हुई है। महिगंवा रियासत के राजा ने दशकों पहले इस शिव मंदिर का निर्माण कराया था। उनका कोई विशेष काम नहीं बन पा रहा था। वे उसे पूरा करने के लिये सारे प्रयास कर चुके थे।
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कारेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
रियासत के कुछ बुजुर्गो-पुरखों से इसको लेकर चर्चा की। उन्होंने सलाह दी कि अगर बाबा किसी तरह प्रसन्न हो जाएं तो काम पूरा होगा। उसी के बाद राजा ने मनौती मानी और उनका लंबे समय से अटका काम पूरा हो गया। इसके बाद ही उन्होंने बाबा के मंदिर का निर्माण कराया।
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आदर्श शुक्ला
- फोटो : amarujala
कहते हैं भक्त
बीकेटी परसऊ निवासी शिवभक्त आदर्श शुक्ला कहते हैं कि बाबा ने इतना दिया है कि अब उनसे कुछ मांगने का मन नहीं करता। उन्होंने जिंदगी भर बिना मंागे हमें सब कुछ दिया, मेरी मनोकामना है कि जैसे हमे दिया वो हर भक्त को उसका मनचाहा वर दें।
बीकेटी परसऊ निवासी शिवभक्त आदर्श शुक्ला कहते हैं कि बाबा ने इतना दिया है कि अब उनसे कुछ मांगने का मन नहीं करता। उन्होंने जिंदगी भर बिना मंागे हमें सब कुछ दिया, मेरी मनोकामना है कि जैसे हमे दिया वो हर भक्त को उसका मनचाहा वर दें।