यूपी: लखनऊ में आईटी सिटी के लिए 300 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगा एलडीए, इन गांवों की जमीन योजना में शामिल
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मजदूरों की लेबर कॉलोनी में भीषण आग लग गई। हादसे में दो मजदूर झुलस गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। करीब 352 मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल की नौ गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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सुल्तानपुर रोड स्थित आईटी सिटी योजना के लिए अब लैंडपूलिंग में जमीन नहीं देने वाले किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। करीब एक साल से लैंडपूलिंग के लिए जमीन नहीं देने वाले किसानों की लगभग 300 हेक्टेयर निजी जमीन के अधिग्रहण के लिए एलडीए ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है। डीएम की मंजूरी मिलते ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एलडीए सुल्तानपुर रोड पर करीब 1054 हेक्टेयर में आईटी सिटी योजना विकसित कर रहा है। अब तक करीब 500 हेक्टेयर जमीन लैंडपूलिंग के जरिये जुटाई जा चुकी है। लैंडपूलिंग में जमीन देने वाले किसानों को विकसित जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा दिए जाने का प्रावधान है और कई किसानों को प्लॉट आवंटित भी किए जा रहे हैं। योजना में करीब 200 हेक्टेयर जमीन ग्राम समाज की भी शामिल है। एलडीए शासन स्तर से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस जमीन को अपने कब्जे में लेगा।
इन गांवों की जमीन योजना में शामिल
आईटी सिटी योजना में बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा परेहटा, स्कूटाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़नगर टिकरिया समेत कई गांव शामिल हैं।
ग्रामीण जमीन का चार गुना मुआवजा
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक अधिग्रहण के नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्र में आने वाली जमीन के लिए डीएम सर्किल रेट का चार गुना, जबकि शहरी क्षेत्र की जमीन के लिए दो गुना मुआवजा दिया जाएगा। योजना में शामिल दो-तीन गांवों का कुछ हिस्सा शहरी क्षेत्र में आता है।
उन्होंने कहा कि किसानों को लैंडपूलिंग के तहत जमीन देने का पर्याप्त अवसर दिया जा चुका है। इसके बावजूद जिन लोगों ने जमीन नहीं दी है, अब उनकी जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
सुशांत गोल्फ सिटी मामले में एनसीएलटी में आठ को सुनवाई
अंसल एपीआई की शहीद पथ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप के टेकओवर मामले में एनसीएलटी में अब आठ अक्तूबर को सुनवाई होगी। पहले सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय थी। एलडीए के प्रयास से सुनवाई करीब एक महीने पहले कराई गई है।
करीब डेढ़ साल पहले एनसीएलटी ने अंसल एपीआई को दिवालिया घोषित किया था। इसके बाद सुशांत गोल्फ सिटी एनसीएलटी की प्रक्रिया के तहत आ गई। यहां करीब 5000 आवंटी ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्होंने मकान, प्लॉट या फ्लैट के लिए रकम जमा की, लेकिन उन्हें अब तक संपत्ति नहीं मिल सकी है।
15 सितंबर को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने एलडीए को टाउनशिप अपने कब्जे में लेने का प्रस्ताव एनसीएलटी में पेश करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद एलडीए ने ऑनलाइन दावा दाखिल किया। 23 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन मामला सूचीबद्ध नहीं हो सका। इस बीच एक निजी कंपनी द्वारा भी टाउनशिप के टेकओवर की कोशिश किए जाने की चर्चा है। एलडीए के मुताबिक इसी वजह से मामले की जल्द सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।