यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विवेक तिवारी हत्याकांड में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं प्रकट की और सरकार से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस मामले पर राजनीतिक करने वाले नेताओं को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि ऐसे दुख के मौके पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
विवेक तिवारी हत्याकांड: डिप्टी सीएम बोले, ऐसे दुख के मौके पर केजरीवाल न करें राजनीति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केशव प्रसाद ने कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करती है तो सरकार उनका समर्थन करती है पर किसी बेगुनाह की जान जाने को स्वीकार नहीं किया जा सकता। पीड़ित परिवार से एसएसपी सहित कई अफसरों ने मुलाकात की और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस घटना के बाद यूपी सरकार एक बार फिर निशाने पर आ गई है। सरकार ने पीड़ित परिवार को नौकरी और 25 लाख रुपये मुआवजा देने का वादा किया है।
इस मामले में हरदोई के शाहाबाद की विधायक रजनी तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पुलिस प्रशासन व जिलाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रजनी तिवारी ने लिखा है कि इस घटना ने प्रदेश प्रशासन व पुलिस की छवि धूमिल की है। पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कही गई लेकिन वो थाने में बयान देता नजर आया। वहीं, पीड़ित परिवार ने लखनऊ जिलाधिकारी द्वारा धमकाये जाने की बात भी कही है जो कि बेहद शर्मनाक है।
रजनी तिवारी ने सीएम योगी से मांग की है कि घटना में लखनऊ के जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे जनता के बीच सख्त संदेश जाए।
हालांकि, आरोपी सिपाही संदीप कुमार व प्रशांत चौधरी को बर्खास्त कर दिया गया है। इन दोनों सिपाहियों ने ही शुक्रवार रात विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस तरह की घटनाएं सरकार कभी भी स्वीकार नहीं करेगी। मामले में जो भी आरोपी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और हर सहायता की जाएगी।
It is a very sad incident. Such criminal offences will not be accepted by govt. Immediate action was taken; the accused arrested&case registered. For the family of the deceased, govt will provide all kinds of aid needed by the family: UP CM Yogi Adityanath on #VivekTiwari case pic.twitter.com/qzhKmH5dPf