कोविड-19 के खिलाफ जंग में मास्क एक जरूरी हथियार बन चुका है, जिसे हमें हर हाल में पहनना ही है। सिर्फ मास्क लगा लेने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके इस्तेमाल को लेकर भी हमें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। वरना कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। केजीएमयू के ईएनटी विशेषज्ञ मानते हैं कि मास्क का गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। इसके कारण लोगों में गले की समस्या पैदा हो रही है। नतीजा लोग कोरोना हो जाने की आशंका को लेकर तनाव से घिरते जा रहे हैं।
केवल मास्क लगा लेना काफी नहीं, इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का रखना होगा ध्यान
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70 फीसदी लोग गले की शिकायत लेकर आ रहेे
केजीएमयू के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र वर्मा कहते हैं कि इमरजेंसी में आने वालों में से 70 फीसदी लोग गले की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इनमें आमतौर पर गले में जलन महसूस होना, चुभन सी लगना, कुछ फंसा-फंसा सा लगता रहता है। दरअसल हमारी सांस मास्क से टकराकर वापस अंदर जाती है। गंदे हो चुके मास्क के साथ गंदगी भी हमारी सांस के साथ अंदर जाकर दिक्कत पैदा करती है। ऐसे में मास्क लगाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। यह दिक्कत इसलिए भी बढ़ती जा रही है क्योंकि हम एक अनजाने भय से घिरकर हर तरह का उपचार कर रहे हैं। लेकिन अति हरचीज की बुरी होती है और एक साथ हर चीज फायदे की जगह नुकसान करती है।
केजीएमयू के ईएनटी विभाग में दिखाने पहुंची आलमबाग निवासी एक युवती माहभर से सिर्फ गले में दर्द से परेशान है। हालांकि न तो उसे खाने में दिक्कत है, न निगलने में कोई परेशानी। न बुखार न खांसी। फिर भी दहशत कि कहीं कोरोना तो नहीं हो गया। फोन पर डाक्टरों की सलाह से दवा तो ली, लेकिन फायदा नहीं हुआ। कोरोना टेस्ट भी निगेटिव आया, फिर भी गले की दिक्कत बनी रही। खैर उसे मामूली सी दवाएं, ज्यादा सावधानी और ज्यादा एक्सपोजर में जाने के बाद गरम पानी पीने की सलाह दी गई है। दरअसल डाक्टरों का कहना है कि ऐसी दिक्कतें मास्क के गलत इस्तेमाल से भी पैदा हो रही हैं।
मास्क लगते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
- गर्मी में दिनभर एक ही मास्क लगाए रहना ठीक नहीं।
- भीड़ में हों तो मास्क जरूर लगाएंं।
- सूती कपड़े का मास्क चार घंटे से अधिक लगाना हो तो दिन में दो बार बदलें और बिना धोए इस्तेमाल न करें।
- प्रोलीपोप लाइन का मास्क दिनभर में चार बार बदले
- ऑफिस पहुंचकर मास्क न उतारें।
- मास्क उतार कर जिस सतह पर रख रहे हैं, उसका ध्यान रखें।
- एक्स्पोजर से आएं तो गुनगुना पानी पी लें। हर वक्त गरम पानी की जरूरत नहीं।
- मास्क बीच से पकड़कर नहीं बल्कि कान के पास जो डोरी या प्लास्टिक लगी है, उससे पकड़कर हटाना चाहिए।
- थ्री लेयर मास्क जरूरी है। एन-95 जरूरी नहीं।
- गमछा या रुमाल का इस्तेमाल दिक्कत बढ़ाता है।
मास्क लगाने का भी है प्रोटोकाल
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ. कमल सवलानी कहते हैं कि दरअसल लोग छोटे साइज के मास्क लगा रहे हैं। उससे नाक ढकती है या मुंह ढकता है। दूसरी सबसे बड़ी बात है कि लोग बात करते वक्त मास्क हटा देते हैं। देखने में ये भी आ रहा कि एक मास्क लगा लिया और दिन भर लगाए हुए हैं। कम से कम दो मास्क ऐसे रखें, जिसे धोकर इस्तेमाल किया जा सके। कुछ ऐसे मास्क भी हैं, जिसमें एक बार धोने के बाद रेशे निकलने लगते हैं। ये रेशे एलर्जी का कारण भी होते हैं। लोगों को मास्क लगाने के प्रोटोकाल को भी ध्यान रखना चाहिए।