चाय से लेकर फल तक में हैं जानलेवा केमिकल, ऐसे करें पहचान
गर्मी में राहत देने वाला तरबूज अगर काटने पर कुछ ज्यादा ही चमकदार व सुर्ख निकले या केला- पपीता व आम खूब पीला और पका नजर आए तो इसे कुदरती देन न समझ सावधान हो जाएं। चिकित्सकों की माने तो मिलावटी सब्जियों व फलों से पेट की बीमारियों के साथ ही कैंसर जैसी बीमारी तक हो सकती है। आगे जानें कितने खतरनाक है ये केमिकल और आप कैसे पता लगा सकते हैं...
चाय से लेकर फल तक में हैं जानलेवा केमिकल, ऐसे करें पहचान
सब्जी मंडियों में भिंडी, तोरई, परवल व कद्दू वगैरह को ताजा व हरा दिखाने के लिए धंधेबाज मेलाकाइट ग्रीन नाम का खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं। जानकारों की माने तो मेलाकाइट ग्रीन स्वास्थ्य के लिए एक खतरनाक रसायन है जो एक आर्गेनिक कंपाउंड से तैयार होता है। विशेषतौर पर इसका इस्तेमाल डाई करने में किया जाता है।
चाय से लेकर फल तक में हैं जानलेवा केमिकल, ऐसे करें पहचान
लीची, आम, लीची पपीते, अमरूद जैसे गूदेदार फलों को कच्चा ही पेड़ से तोड़ कर जल्दी बाजार में पहुंचाने के लिए खतरनाक स्तर तक कैल्शियम कार्बाइड से पकाया जा रहा है। अत्यधिक कार्बाइड के इस्तेमाल से यह फल प्राकृतिक तौर पर पकने के बाद दिखने वाले पीले रंग से भी अधिक चमकदार और चटख दिखते हैं। आगे पकड़ें चाय की पत्ती की मिलावट...
चाय से लेकर फल तक में हैं जानलेवा केमिकल, ऐसे करें पहचान
बागानों में तैयार होने वाली चाय पत्ती में मुनाफाखोरी के लिए धंधेबाज सूखा कोलतार मिलाकर इसे बेचते हैं। ऐसी मिलावट को घर पर भी पकड़ा जा सकता है। इसके लिए बस ब्लाटिंग पेपर पर चाय पत्ती को पांच मिनट छोड़ने पर इसमें मिले कोलतार के स्पाट पेपर पर दिखने लगते हैं। आगे जानें किन फलों में है ज्यादा खतरा...
चाय से लेकर फल तक में हैं जानलेवा केमिकल, ऐसे करें पहचान
फल कारोबारी सेब व संतरे जैसे महंगे फलों को चमकीला व ताजा दिखाने के लिए इस पर केमिकल युक्त मोम का प्रयोग करते हैं। मोम को कपड़े में लगाकर पहले इन फलों की पॉलिश की जाती है, जिसके बाद ग्राहकों को इसे कश्मीर अथवा नागपुरी का झांसा देकर ऊंचे दाम पर बेचते हैं। आगे, तरबूज से रहें सावधान...