उत्तर रेलवे के लोको वर्कशॉप की सफाई हुई तो 159 साल पुराना इतिहास निकलकर सामने आ गया। यहां से शहर, रेलवे स्टेशनों और वर्कशॉप की ऐतिहासिक तस्वीरें मिली हैं। इन्हें वर्कशॉप प्रशासन सहेज रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इससे रूबरू कराया जा सके।
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सफाई में लोको वर्कशॉप से निकला 159 साल पुराना इतिहास
- फोटो : amar ujala
इसके लिए वर्कशॉप के पीछे बने सुपरवाइजर ट्रेनिंग स्कूल में गैलरी बनवाई गई है, जो दर्शकों के लिए सुबह दस से शाम पांच बजे तक खोली जाएगी।
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सफाई में लोको वर्कशॉप से निकला 159 साल पुराना इतिहास
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लोको वर्कशॉप उत्तर रेलवे के प्रमुख कारखानों में शामिल है। 150 साल से अधिक पुरानी इस वर्कशॉप में अंग्रेजी हुकूमत में स्टीम इंजनों की मरम्मत होती थी। उत्तर भारत की यह अपनी तरह की अनूठी वर्कशॉप थी।
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सफाई में लोको वर्कशॉप से निकला 159 साल पुराना इतिहास
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लोको वर्कशॉप के वित्त सलाहकार अष्टानंद पाठक ने बताया कि जब वर्कशॉप की सफाई का काम शुरू करवाया गया तो यहां ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज मिलने शुरू हो गए। इसमें स्टेशनों की तस्वीरें, रेलवे के नक्शे और लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों की भी तस्वीरें मिलीं, जो पीली पड़ गई थीं।
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सफाई में लोको वर्कशॉप से निकला 159 साल पुराना इतिहास
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चूंकि, सारे दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कराया जा रहा है, इसलिए इन तस्वीरों के लिए हेरिटेज गैलरी बनवाई गई, जहां इन्हें लगाया गया। अभी भी वर्कशॉप में सफाई का काम जारी है, लिहाजा और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं मिलने की संभावनाएं हैं।