एनीमिया यानी खून की कमी की समस्या महिलाओं में सबसे ज्यादा होती है। खासकर भारत में अधिकतर महिलाएं इसी समस्या से जूझ रही हैं। खून की कमी के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं प्रसव के दौरान अपनी जान गवां देती हैं। महिलाओं में खून में कमी का बड़ा कारण खानपान में कमी के अलावा लाइफस्टाइल भी है। अगर लाइफस्टाइल और खानपान में जरा सा ध्यान रखा जाए तो एनीमिया से बचा जा सकता है।
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एनीमिया से बचाएगी हरी साग-सब्जियां, इस कढ़ाही में पका खाना होगा फायदेमंद
Tue, 09 Jul 2019 05:53 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 09 Jul 2019 05:53 PM IST
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मिनरल्स की कमी पूरी करेंगी हरी सब्जियां
अधिकांश महिलाओं में एनीमिया शरीर में आयरन, फॉलिक एसिड और मिलरल्स की कमी से होती है। ऐसे में हरी और पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, हरी धनिया, मेथी, विभिन्न तरह के सागों को अगर डाइट में शामिल किया जाए तो शरीर में विटामिन मिनरल्स और आयरन की कमी दूर होती है। इसके अलावा अनार का जूस, चुकंदर और गुड़ भी हीमोग्लोबिन बढ़ाने और शरीर में खून की कमी दूर करने में बेहद कारगर हैं।
अधिकांश महिलाओं में एनीमिया शरीर में आयरन, फॉलिक एसिड और मिलरल्स की कमी से होती है। ऐसे में हरी और पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, हरी धनिया, मेथी, विभिन्न तरह के सागों को अगर डाइट में शामिल किया जाए तो शरीर में विटामिन मिनरल्स और आयरन की कमी दूर होती है। इसके अलावा अनार का जूस, चुकंदर और गुड़ भी हीमोग्लोबिन बढ़ाने और शरीर में खून की कमी दूर करने में बेहद कारगर हैं।
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लोहे की कड़ाही में पकाएं खाना
आजकल नॉनस्टिक और एल्युमीनियम के आने के बाद लोहे की कड़ाही किचन से गायब हो गई है जबकि लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल आयरन की कमी को दूर करने में काफी सहायक है। अगर हरी साग-सब्जियों को लोहे की कढ़ाई में पकाया जाए तो इससे आयरन स्टोर करने में काफी मदद मिलती है। इसके अलावा पेट में कीड़े होने से भी एनीमिया की समस्या हो सकती है। इसके लिए नंगे पैर चलने से बचें और साल में एक बार कीड़े की जांच जरूर कराएं। नियमित रूप से हीमोग्लोबिन भी चेक कराती रहें।
आजकल नॉनस्टिक और एल्युमीनियम के आने के बाद लोहे की कड़ाही किचन से गायब हो गई है जबकि लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल आयरन की कमी को दूर करने में काफी सहायक है। अगर हरी साग-सब्जियों को लोहे की कढ़ाई में पकाया जाए तो इससे आयरन स्टोर करने में काफी मदद मिलती है। इसके अलावा पेट में कीड़े होने से भी एनीमिया की समस्या हो सकती है। इसके लिए नंगे पैर चलने से बचें और साल में एक बार कीड़े की जांच जरूर कराएं। नियमित रूप से हीमोग्लोबिन भी चेक कराती रहें।
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प्रोटीन की कमी भी होती है एनीमिया की वजह
अकसर लोगों को सिर्फ यह पता होता है कि एनीमिया की समस्या शरीर में आयरन की कमी से होती है, लेकिन एनीमिया की समस्या शरीर में प्रोटीन की कमी से भी हो सकती है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही व अन्य डेरी उत्पाद डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। वहीं, जो लोग मांसाहारी हैं वो शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अंडा, चिकन और मछली भी खा सकते हैं।
अकसर लोगों को सिर्फ यह पता होता है कि एनीमिया की समस्या शरीर में आयरन की कमी से होती है, लेकिन एनीमिया की समस्या शरीर में प्रोटीन की कमी से भी हो सकती है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही व अन्य डेरी उत्पाद डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। वहीं, जो लोग मांसाहारी हैं वो शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अंडा, चिकन और मछली भी खा सकते हैं।
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चाय और दूध से न लें आयरन की दवा
अकसर लोगों को शिकायत होती है कि आयरन की टैबलेट खाने के बाद बदहजमी, पेट में भारीपन आदि की समस्या हो जाती है। अगर आयरन की टैबलेट ले रही हैं तो इसे खाली पेट या खाने से पहले लें, खाने के बाद आयरन की टेबलेट न लें। इसके अलावा चाय और दूध के साथ ही आयरन की दवा न लें।